असम और ओडिशा में बाढ़ से हाहाकार: असम में 78 की मौत, ओडिशा में महानदी का जलस्तर बढ़ने से 6 लाख लोग प्रभावित

राघवेन्द्र प्रताप सिंह/ गुवाहाटी / भुवनेश्वर: भारत के पूर्वी और पूर्वोत्तर राज्य इस समय भीषण प्राकृतिक आपदा का सामना कर रहे हैं। असम और ओडिशा में लगातार हो रही भारी बारिश और नदियों के उफान ने जनजीवन को बुरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। ताजा सरकारी आंकड़ों के अनुसार, असम में बाढ़ के कारण मरने वालों की संख्या बढ़कर 78 तक पहुंच गई है, जबकि राज्य के कई जिलों में 3 लाख से अधिक लोग इस विभीषिका से गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं। मौसम विभाग (IMD) ने 1 अगस्त तक असम और आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश का ‘रेड अलर्ट’ जारी रखा है, जिससे स्थिति और बिगड़ने की आशंका है।
दूसरी ओर, पूर्वी तटीय राज्य ओडिशा में भी हालात बेहद चिंताजनक बने हुए हैं। राज्य की जीवनरेखा मानी जाने वाली महानदी (Mahanadi) और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ओडिशा सरकार ने पूरे राज्य में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है। निचले और तटीय इलाकों में पानी भरने के कारण अब तक 6 लाख से अधिक लोग बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं।
प्रशासन और आपदा प्रबंधन बल (NDRF/ODRAF) युद्ध स्तर पर बचाव कार्य में जुटे हुए हैं। ओडिशा में अब तक एक बड़े रेस्क्यू ऑपरेशन के तहत 1.65 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित निकालकर राहत शिविरों में पहुंचाया जा चुका है। दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने केंद्र सरकार से तत्काल आर्थिक और रसद सहायता की मांग की है। यह आपदा न केवल बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा रही है, बल्कि कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए भी एक बड़ा संकट बन गई है।



