संसद का मानसून सत्र: आज लोकसभा में पेश होगा सख्त एंटी-पेपर लीक संशोधन बिल, विपक्ष की रणनीति पर टिकी हैं नजरें

संसद के मानसून सत्र के दौरान आज सोमवार को लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही काफी हंगामेदार और महत्वपूर्ण रहने वाली है। नीट पेपर लीक मामले में पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद आज दोनों सदनों की कार्यवाही पहली बार शुरू होगी। आज सबकी नजरें संसद पर टिकी हैं, क्योंकि केंद्र सरकार प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर नकेल कसने के लिए ‘लोक परीक्षा संशोधन विधेयक, 2026’ संसद में पेश करने जा रही है। वहीं दूसरी ओर, विपक्षी दलों ने भी सरकार को घेरने के लिए अपनी रणनीति तैयार कर ली है।
लोकसभा में पेश होगा पब्लिक एग्जामिनेशन अमेंडमेंट बिल, 2026
प्रतियोगी परीक्षाओं में भविष्य में होने वाले पेपर लीक और गड़बड़ियों को रोकने के उद्देश्य से सरकार आज लोकसभा में ‘पब्लिक एग्जामिनेशन (गलत तरीकों से बचाव) अमेंडमेंट बिल, 2026’ पेश करेगी। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह इस विधेयक को सदन में रखेंगे। लोकसभा के आज के एजेंडे के मुताबिक, मंत्री बिल पेश करने के साथ ही इसे पारित कराने का प्रस्ताव भी रखेंगे। इस नए कानून में सात अहम संशोधन शामिल किए गए हैं, जिनका मुख्य मकसद प्रशासनिक और कानूनी कमियों को दूर करना, एक समर्पित न्यायिक प्रणाली का गठन करना और आपराधिक मुकदमों की प्रक्रिया में तेजी लाना है।
फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी रोजाना सुनवाई, तीन महीने में ट्रायल पूरा करने का प्रावधान
इस नए विधेयक में जांच और न्यायिक प्रक्रियाओं के लिए एक सख्त समय सीमा तय की गई है, जो साल 2024 के मौजूदा कानूनी ढांचे में एक बड़ा बदलाव है। इसके तहत राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासनों को यह अधिकार दिया जाएगा कि वे सेशन कोर्ट को विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट के रूप में नामित कर सकें, जो विशेष रूप से इस कानून के तहत आने वाले अपराधों की सुनवाई करेंगे। कैबिनेट की मंजूरी के बाद तय किया गया है कि इन स्पेशल फास्ट ट्रैक अदालतों में रोजाना सुनवाई की जाएगी और चार्जशीट दाखिल होने के महज तीन महीने के भीतर ट्रायल की प्रक्रिया को पूरा करना अनिवार्य होगा।
पीएम मोदी ने किया था टास्क फोर्स के गठन का ऐलान
गौरतलब है कि नीट परीक्षा के पेपर लीक और देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के बीच केंद्रीय कैबिनेट ने 24 जुलाई को इस सख्त संशोधन को मंजूरी दी थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में इसे सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जल्द से जल्द संसद में लाने के निर्देश दिए गए थे। इसके अलावा, रविवार को प्रधानमंत्री मोदी ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) सहित संपूर्ण परीक्षा सुधार प्रक्रिया पर काम करने के लिए छह सदस्यीय टास्क फोर्स के गठन का भी ऐलान किया, जिसकी अध्यक्षता इंफोसिस के सह-संस्थापक और प्रख्यात विशेषज्ञ नंदन नीलेकणि करेंगे।
विपक्ष का रुख और पीएम मोदी व गृह मंत्री शाह पर निशाना
संसद का यह मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू हुआ था और 13 अगस्त तक चलेगा। शनिवार को धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद विपक्षी दलों का कहना है कि वे विधाई कार्यों और सदन की सामान्य चर्चाओं की अनुमति देने के लिए तैयार हैं, बशर्ते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सदन में आकर नीट-यूजी परीक्षा लीक पर आधिकारिक बयान दें। इसके अलावा, कांग्रेस पार्टी दिल्ली में हुए प्रदर्शनों के दौरान छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई और क्रूरता को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी बयान की मांग कर रही है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गृह मंत्री को पत्र लिखकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित तौर पर पेलेट गन जैसे घातक बलों के इस्तेमाल पर जवाबदेही तय करने की मांग की है।



