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प्रयागराज हाई कोर्ट में वकीलों की बड़ी जीत: चैंबर आवंटन का गतिरोध पूरी तरह समाप्त, फीस किस्तों में देने की सुविधा लागू

विवेक ओझा/ प्रयागराज: न्याय के मंदिर, इलाहाबाद हाई कोर्ट में पिछले लगभग दो सप्ताह से वकीलों और प्रशासन के बीच चला आ रहा भारी गतिरोध आखिरकार सौहार्दपूर्ण तरीके से समाप्त हो गया है। नवनिर्मित चैंबरों के आवंटन नियमों और भारी-भरकम फीस को लेकर वकीलों का उग्र विरोध अब शांत हो गया है। मुख्य न्यायाधीश द्वारा गठित वरिष्ठ जजों की विशेष समिति और हाई कोर्ट बार एसोसिएशन (HCBA) के बीच हुई कई दौर की मैराथन वार्ताओं के बाद, संशोधित ड्राफ्ट (Revised Draft) को पूर्ण मंजूरी दे दी गई है। इसके साथ ही हाई कोर्ट में न्यायिक कामकाज पूरी तरह से अपनी पुरानी रफ्तार में लौट आया है।

वकीलों की मांगें और संशोधित नियम

बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और संघर्ष समिति के सदस्यों ने बताया कि जजों की समिति ने वकीलों की अधिकांश वाजिब मांगों को सहर्ष स्वीकार कर लिया है। नए और स्वीकृत ड्राफ्ट के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
1. फीस किस्तों में देने की सुविधा: सबसे बड़ा विवाद 5 से 8 लाख रुपये के बीच तय की गई सिक्योरिटी फीस को लेकर था, जिसे एकमुश्त देना युवा वकीलों के लिए असंभव था। अब नए नियमों के तहत, अधिवक्ता इस राशि को 4 से 6 आसान किस्तों (Installments) में जमा कर सकेंगे, जिससे उन पर आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा।
2. सीनियरिटी कोटा (Seniority Quota): लंबे समय से प्रैक्टिस कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ताओं के सम्मान को ध्यान में रखते हुए, एक निश्चित प्रतिशत चैंबरों को वरिष्ठता के आधार पर आरक्षित किया गया है।
3. पारदर्शी डिजिटल लॉटरी: बाकी बचे सभी चैंबरों का आवंटन पूरी तरह से पारदर्शी, वीडियोग्राफी के साथ और डिजिटल लॉटरी सिस्टम के माध्यम से किया जाएगा। इसमें किसी भी प्रशासनिक अधिकारी का कोई विवेकाधिकार (Discretionary Power) नहीं होगा।

अधिवक्ताओं में खुशी की लहर

संशोधित नियमों की आधिकारिक घोषणा होते ही हाई कोर्ट परिसर में वकीलों के बीच खुशी की लहर दौड़ गई। बार एसोसिएशन ने आधिकारिक रूप से अपना आंदोलन वापस लेने की घोषणा कर दी है और मुख्य न्यायाधीश तथा समिति के जजों का धन्यवाद ज्ञापित किया है। वकीलों ने कहा कि यह न्यायपालिका और बार के बीच आपसी विश्वास और सम्मान की जीत है।

फरियादियों को सबसे बड़ी राहत
इस विवाद के समाप्त होने से सबसे बड़ी राहत उन हजारों आम फरियादियों को मिली है, जिनके मुकदमों की सुनवाई वकीलों की हड़ताल और मार्च के कारण टल रही थी। आज से हाई कोर्ट की सभी खंडपीठों (Benches) में सामान्य रूप से मुकदमों की सुनवाई शुरू हो गई है। हाई कोर्ट प्रशासन अब अगले सप्ताह से नए और पारदर्शी नियमों के तहत चैंबर आवंटन की प्रक्रिया शुरू करने जा रहा है, जो अगले एक महीने के भीतर पूरी कर ली जाएगी।

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