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Share Market Bloodbath: अमेरिका-ईरान जंग के खौफ से बाजार धड़ाम, खुलते ही सेंसेक्स 550 अंक टूटा, निफ्टी भी बिखरा

मुंबई: वैश्विक मोर्चे पर भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tension) बढ़ने से भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को एक बार फिर से खौफ का माहौल देखने को मिला है। हफ्ते के तीसरे कारोबारी दिन बाजार खुलते ही चौतरफा बिकवाली हावी हो गई, जिसके चलते बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 550 अंकों से ज्यादा का गोता लगा गया। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी करीब 150 अंक फिसलकर रेड जोन में आ गया। इससे पहले मंगलवार को भी दोनों सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए थे।

 

होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिका-ईरान टकराव से बिगड़ा मूड

बाजार में इस बड़ी गिरावट की आशंका एक्सपर्ट्स पहले से ही जता रहे थे। इसके तार सीधे ‘होर्मुज स्ट्रेट’ (Strait of Hormuz) से जुड़े हैं, जो दुनिया की कुल तेल आपूर्ति के करीब 20 फीसदी हिस्से के लिए बेहद अहम जलमार्ग है। इस इलाके में अमेरिका और ईरान एक बार फिर आमने-सामने आ गए हैं और दोनों ओर से सैन्य हमले शुरू हो चुके हैं। इस तनाव के चलते भारत ही नहीं, बल्कि जापान और दक्षिण कोरिया समेत तमाम एशियाई बाजारों में भारी बिकवाली देखी जा रही है।

 

सेंसेक्स और निफ्टी खुलते ही औंधे मुंह गिरे

कारोबार की शुरुआत होते ही बीएसई (BSE) का सेंसेक्स अपने पिछले क्लोजिंग लेवल 78,180 के मुकाबले भारी गिरावट के साथ खुला। शुरुआती महज 5 मिनट के ट्रेडिंग सेशन में ही यह 550 अंक से ज्यादा फिसलकर 77,611 के स्तर पर आ गया।

 

सेंसेक्स की तरह ही निफ्टी इंडेक्स की सेहत भी नासाज दिखी। निफ्टी अपने पिछले बंद 24,398 के मुकाबले गिरावट के साथ खुला और देखते ही देखते 24,259 पर आ गया। इसके कुछ ही देर बाद निफ्टी 150 अंक से ज्यादा की कमजोरी के साथ 24,229 के स्तर पर ट्रेड करता हुआ नजर आया।

 

मिडिल ईस्ट का तनाव और ग्लोबल मार्केट का दबाव

दलाल स्ट्रीट में दोबारा खौफ लौटने के मुख्य रूप से तीन बड़े कारण सामने आ रहे हैं:

 

जहाजों पर हमला और पलटवार: ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे तीन कमर्शियल जहाजों पर मिसाइलें दागीं, जिसके जवाब में अमेरिकी सेना ने भी ईरानी ठिकानों पर ताबड़तोड़ एयरस्ट्राइक शुरू कर दी।

एशियाई बाजारों में मंदी: दोनों देशों के बीच युद्ध जैसे हालात बनने से ग्लोबल मार्केट का सेंटीमेंट खराब हो गया। जापान का निक्केई (Nikkei) खुलते ही 500 अंक से ज्यादा फिसल गया, जबकि साउथ कोरिया का कोस्पी (Kospi) भी 1 फीसदी से ज्यादा टूट गया। इसके अलावा गिफ्ट निफ्टी (Gift Nifty) भी लाल निशान में बना हुआ था।

क्रूड ऑयल की कीमतों में लगी आग, महंगाई का बढ़ा डर

तनाव की खबरों के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में अचानक एक बड़ा उछाल आ गया है, जो भारतीय बाजार के लिए सबसे बड़ा झटका माना जा रहा है। ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) 3 फीसदी से ज्यादा की तेजी के साथ 76 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया है, जबकि डब्ल्यूटीआई (WTI) क्रूड भी 72 डॉलर के पार पहुंच गया है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए महंगाई का जोखिम बढ़ाती हैं, जिसका सीधा दबाव शेयर बाजार पर दिख रहा है।

 

रिलायंस से लेकर इंडिगो तक, इन शेयरों में मची भगदड़

बाजार की इस गिरावट में लार्जकैप, मिडकैप और स्मॉलकैप तीनों ही कैटेगरी के शेयरों को नुकसान उठाना पड़ा है:

 

लार्जकैप शेयर: इंडिगो (2.50%), एशियन पेंट्स (2.42%), रिलायंस इंडस्ट्रीज (2.10%), बजाज फाइनेंस (1.70%), आईटीसी (1.60%) और एमएंडएम (1.50%) के शेयर टूटकर लाल निशान में कारोबार कर रहे थे।

मिडकैप शेयर: हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) में 3.60% और अशोक लेलैंड में 2.60% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई।

स्मॉलकैप शेयर: एनबीसीसी (NBCC) का शेयर 2.20% और पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस का शेयर 2.10% तक बिखर गया।

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