लियोनेल मेस्सी ने फिर साबित किया—महान खिलाड़ी कभी बूढ़े नहीं होते
क्या लियोनेल मेस्सी सचमुच उम्र को पीछे छोड़ चुके हैं? अर्जेंटीना के महान कप्तान जिस तरह लगातार बड़े मंच पर अपना प्रभाव छोड़ रहे हैं, उसने फुटबॉल जगत को फिर से सोचने पर मजबूर कर दिया है। फीफा विश्व कप के मुकाबले में गत चैंपियन अर्जेंटीना ने अल्जीरिया को हराया, इस जीत की सबसे बड़ी कहानी एक बार फिर मेस्सी ही रहे।
मेस्सी का खेल यह दिखा रहा है कि महान खिलाड़ियों की पहचान सिर्फ उनकी प्रतिभा नहीं, बल्कि उनकी निरंतर भूख और समर्पण भी होती है। अल्जीरिया के खिलाफ उन्होंने रिकॉर्ड तोड़ हैट्रिक लगाकर साबित कर दिया कि विश्व कप जैसे सबसे बड़े मंच पर उनका जादू अभी फीका नहीं पड़ा है।
फुटबॉल विश्लेषक डैनियल गुर्फ़िंकेल भी मेस्सी के प्रदर्शन से हैरान नजर आए। उन्होंने कहा, “क्या मेस्सी बढ़ती उम्र के सिद्धांत को नहीं समझते? विश्व कप में हैट्रिक लगाना अपने आप में बेहद प्रभावशाली है।”

पिछले कुछ वर्षों में आलोचक लगातार यह सवाल उठाते रहे हैं कि क्या मेस्सी अब अपने करियर के अंतिम दौर में पहुंच चुके हैं? क्या 2022 में विश्व कप जीतने के बाद उनके अंदर पहले जैसी प्रेरणा बची है? लेकिन अल्जीरिया के खिलाफ उनका प्रदर्शन इन सभी सवालों का जवाब बनकर सामने आया। मैदान पर उनकी ऊर्जा, मूवमेंट और गोल करने की भूख वैसी ही दिखी जैसी उनके सर्वश्रेष्ठ दिनों में नजर आती थी।
इस जीत के साथ अर्जेंटीना ने टूर्नामेंट में अपना दबदबा और मजबूत किया, जबकि मेस्सी ने एक बार फिर दुनिया को याद दिला दिया कि उन्हें सर्वकालिक महान खिलाड़ियों में क्यों गिना जाता है।
विंटेज मेस्सी की झलक
मेस्सी की हैट्रिक सिर्फ तीन गोलों का आंकड़ा नहीं थी, बल्कि उनके खेल की विविधता का शानदार प्रदर्शन भी थी।
पहला गोल
उन्होंने मैच का खाता एक दमदार और करारे शॉट से खोला। हालांकि इस मौके पर विरोधी गोलकीपर शायद बेहतर बचाव कर सकता था, लेकिन मेस्सी ने कोई गलती नहीं की।
दूसरा गोल
दूसरे गोल में उनकी बेहतरीन पोजीशनिंग देखने को मिली। बॉक्स के भीतर सही समय पर सही जगह मौजूद रहकर उन्होंने आसान टैप-इन के जरिए गेंद को जाल में पहुंचाया।
तीसरा गोल
हैट्रिक का तीसरा गोल प्रशंसकों को उनके बार्सिलोना के स्वर्णिम दिनों की याद दिला गया। बॉक्स के करीब शानदार ‘वन-टू’ पासिंग मूव के बाद मेस्सी ने शांत अंदाज में साइडफुट फिनिश करते हुए गेंद को कॉर्नर में पहुंचाया और अपनी ऐतिहासिक हैट्रिक पूरी कर ली।



