बुंदेलखंड बनेगा सामरिक ताकत का केंद्र
झांसी डिफेंस कॉरिडोर में विदेशी निवेश की मुहर, फ्रांसीसी कंपनी ₹1,200 करोड़ से बनाएगी 'एंटी-ड्रोन सिस्टम'

झांसी (राघवेंद्र प्रताप सिंह): कभी पानी के संकट, सूखे और पिछड़ेपन की पहचान रहा उत्तर प्रदेश का बुंदेलखंड इलाका अब देश की सैन्य ताकत और रक्षा उत्पादन का सबसे बड़ा केंद्र (Defense Hub) बनने की राह पर तेजी से दौड़ पड़ा है। उत्तर प्रदेश रक्षा औद्योगिक गलियारे (UP Defence Industrial Corridor) के झांसी नोड के लिए एक बेहद शानदार और ऐतिहासिक खबर सामने आई है। यूपी सरकार और एक प्रमुख फ्रांसीसी रक्षा एयरोस्पेस कंपनी के बीच ₹1,200 करोड़ के एक भारी-भरकम समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस मेगा विदेशी निवेश के तहत झांसी में अत्याधुनिक ‘ड्रोन और एंटी-ड्रोन सिस्टम’ (Anti-Drone Systems) के निर्माण की एक विशाल इकाई स्थापित की जाएगी।
क्या है ‘एंटी-ड्रोन सिस्टम’ और क्यों है यह दुनिया की सबसे बड़ी जरूरत?
हाल ही में हुए रूस-यूक्रेन युद्ध और मध्य-पूर्व के संघर्षों ने दुनिया भर की सेनाओं को एक बड़ा सबक दिया है। इन युद्धों ने साबित कर दिया है कि भविष्य की लड़ाई अब केवल बड़े टैंकों या लड़ाकू विमानों से नहीं, बल्कि छोटे और घातक ड्रोन्स से लड़ी जाएगी।
शत्रु के इन्ही हमलावर और जासूसी ड्रोन्स को हवा में ही जाम करने, उनकी फ्रीक्वेंसी हैक करने या उन्हें लेजर से मार गिराने की तकनीक को ‘एंटी-ड्रोन सिस्टम’ कहा जाता है। फ्रांसीसी कंपनी द्वारा झांसी में लगाई जाने वाली यह नई निर्माण इकाई भारत की सेनाओं (थल, जल और वायु) के लिए इसी विश्वस्तरीय तकनीक का उत्पादन करेगी। इसका मतलब यह है कि देश की सीमा सुरक्षा में इस्तेमाल होने वाले सबसे आधुनिक रडार और एंटी-ड्रोन मारक प्रणालियां अब विदेश से आयात नहीं होंगी, बल्कि उत्तर प्रदेश के झांसी में बनेंगी।
बुंदेलखंड की अर्थव्यवस्था और रोजगार में आएगा ‘बूम’
₹1,200 करोड़ का यह प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) झांसी और पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र की अर्थव्यवस्था की तस्वीर बदलने वाला है। इस निर्माण इकाई के स्थापित होने से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से निम्नलिखित बड़े बदलाव आएंगे:
बंपर रोजगार के अवसर: इस प्लांट के शुरू होने से हजारों स्थानीय युवाओं, इंजीनियरों और आईटीआई (ITI) पास छात्रों को उच्च वेतन वाली नौकरियां मिलेंगी। युवाओं को रक्षा क्षेत्र की नई तकनीकों में प्रशिक्षित किया जाएगा।
MSME सेक्टर का कायाकल्प: इतनी बड़ी कंपनी जब कोई उत्पाद बनाती है, तो उसे छोटे-छोटे कल-पुर्जों के लिए स्थानीय वेंडर्स की जरूरत होती है। इससे झांसी और आस-पास के क्षेत्रों में सैकड़ों नई छोटी फैक्टरियां (MSMEs) खुलेंगी जो इस फ्रांसीसी कंपनी को अपना सामान सप्लाई करेंगी।
निवेशकों के लिए एक नया ‘मैग्नेट’: इस एक बड़ी फ्रांसीसी कंपनी के आने से दुनिया की अन्य रक्षा कंपनियों का भरोसा भी उत्तर प्रदेश के प्रति बढ़ेगा, जिससे भविष्य में डिफेंस कॉरिडोर में और बड़े निवेश आने का रास्ता साफ होगा।
‘मेक इन इंडिया’ की एक और शानदार सफलता
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का विजन रहा है कि उत्तर प्रदेश केवल भारत का राजनीतिक केंद्र न रहे, बल्कि आर्थिक और रक्षा उत्पादन का भी सिरमौर बने। झांसी डिफेंस नोड में इस ऐतिहासिक MoU पर हस्ताक्षर होना ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ अभियान की एक बहुत बड़ी कूटनीतिक और आर्थिक जीत है। फ्रांसीसी कंपनी के अधिकारियों ने झांसी की कनेक्टिविटी (रेलवे और हाइवे) और राज्य सरकार की निवेश-अनुकूल नीतियों की जमकर तारीफ की है। बहुत जल्द इस प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया जाएगा, जो बुंदेलखंड के सूखे पहाड़ों के बीच विकास और राष्ट्रीय सुरक्षा की एक नई इबारत लिखेगा।


