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पश्चिम बंगाल में जनगणना 2027 का रास्ता साफ

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने किया तारीखों का ऐलान, 1 अगस्त से शुरू होगा महा-अभियान

[ अभिषेक सिंह ] पश्चिम बंगाल के विकास और नीति-निर्माण को एक नई दिशा देने के उद्देश्य से, राज्य सरकार ने एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने आधिकारिक तौर पर ऐलान किया है कि राज्य में ‘जनगणना 2027’ की बहुप्रतीक्षित प्रक्रिया इस साल 1 अगस्त से शुरू होने जा रही है। मुख्यमंत्री के इस फैसले को राज्य के प्रशासनिक और सामाजिक ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में एक मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है। यह पूरी प्रक्रिया अगले साल फरवरी तक चलेगी, जिसके बाद राज्य के पास अपने नागरिकों का एक सटीक और अद्यतन डेटाबेस उपलब्ध होगा।

प्रक्रिया और कार्ययोजना की रूपरेखा
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए इस महा-अभियान की पूरी रूपरेखा राज्य की जनता के सामने रखी। उन्होंने बताया कि यह जनगणना केवल लोगों की गिनती तक सीमित नहीं होगी, बल्कि इसके माध्यम से राज्य की सामाजिक, आर्थिक और जनसांख्यिकीय स्थिति का गहन विश्लेषण किया जाएगा।

प्रथम चरण (1 अगस्त से शुरू): इस चरण में मकानों की सूचीकरण (House Listing) और आवास गणना का काम किया जाएगा।

द्वितीय चरण: इसके बाद जनसंख्या की वास्तविक गणना शुरू होगी, जिसमें घर-घर जाकर डेटा एकत्र किया जाएगा।

समापन: पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और सुचारू रूप से चलाते हुए अगले वर्ष फरवरी तक इसे संपन्न करने का लक्ष्य रखा गया है।

तकनीक का होगा भरपूर इस्तेमाल
इस बार की जनगणना को आधुनिक और त्रुटिहीन बनाने के लिए राज्य सरकार तकनीक का बड़े पैमाने पर उपयोग करने जा रही है। अधिकारियों को विशेष रूप से डिज़ाइन किए गए मोबाइल एप्लिकेशन और टैबलेट दिए जाएंगे, जिससे डेटा का रीयल-टाइम अपडेट सुनिश्चित हो सकेगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि डेटा की सुरक्षा और निजता सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी और इसके लिए कड़े साइबर सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किए जा रहे हैं।

सरकारी योजनाओं को मिलेगा नया आधार
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इस बात पर जोर दिया कि जनगणना 2027 के आंकड़े बंगाल के भविष्य की नींव रखेंगे। पिछले कई वर्षों से सटीक डेटा के अभाव में कई कल्याणकारी योजनाएं अपने वास्तविक लाभार्थियों तक पहुँचने में संघर्ष कर रही थीं। इस नई जनगणना से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी ढांचे से जुड़ी नीतियों को अधिक प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकेगा।

सरकार ने राज्य के सभी नागरिकों से इस राष्ट्रीय महत्व के कार्य में पूरा सहयोग करने की अपील की है। मुख्यमंत्री का यह कदम न केवल राज्य के प्रशासनिक तंत्र को सक्रिय करेगा, बल्कि पश्चिम बंगाल के समग्र विकास के लिए एक नई और स्पष्ट रूपरेखा भी तैयार करेगा। 1 अगस्त से शुरू होने वाला यह अभियान बंगाल की प्रगति की कहानी में एक नया अध्याय जोड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है।

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