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विश्व कप से पहले इंग्लैंड में भारत की बड़ी परीक्षा, लय और संयोजन पर होगी नजर

भारतीय महिला क्रिकेट टीम अगले महीने होने वाले महिला टी20 विश्व कप से पहले अपनी अंतिम तैयारियों को परखने के लिए गुरुवार से यहां शुरू हो रही तीन मैचों की टी20 श्रृंखला में मेजबान इंग्लैंड के खिलाफ मैदान में उतरेगी। इस श्रृंखला का उद्देश्य टीम की निरंतरता को दोबारा हासिल करना और सर्वश्रेष्ठ टीम संयोजन तय करना होगा।

महिला टी20 विश्व कप 12 जून से शुरू हो रहा है और इस वैश्विक टूर्नामेंट को ध्यान में रखते हुए हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली भारतीय टीम के लिए यह दौरा बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पिछले एक वर्ष के दौरान भारतीय टीम ने कई मौकों पर शानदार प्रदर्शन किया है, लेकिन लगातार अच्छा प्रदर्शन बनाए रखने में उसे संघर्ष करना पड़ा है।

टी20 विश्व कप के लिए भारत की तैयारियां अब तक मिली-जुली रही हैं। टीम ने पिछले वर्ष दिसंबर में घरेलू मैदान पर श्रीलंका के खिलाफ 5-0 की शानदार जीत के साथ अपने अभियान की शुरुआत की थी। इसके बाद भारत ने ऑस्ट्रेलिया में इतिहास रचते हुए तीन मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला 2-1 से अपने नाम की। यह पिछले एक दशक में ऑस्ट्रेलिया की धरती पर भारत की पहली द्विपक्षीय टी20 श्रृंखला जीत थी।

साभार : गूगल

ऑस्ट्रेलिया में मिली यह सफलता उस भारतीय टीम के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि थी, जिसे अक्सर विदेशी परिस्थितियों, विशेषकर दबाव वाले मुकाबलों में संघर्ष करना पड़ता था। बल्लेबाजों के आक्रामक रवैये और गेंदबाजों की अनुशासित गेंदबाजी ने विश्व कप की तैयारियों के लिहाज से सकारात्मक संकेत दिए थे।

हालांकि, इसके बाद दक्षिण अफ्रीका दौरे पर भारतीय टीम की लय बिगड़ गई और उसे पांच मैचों की श्रृंखला में 1-4 से निराशाजनक हार का सामना करना पड़ा। वहां की परिस्थितियों ने विश्व कप से पहले टीम की कई कमजोरियों को उजागर कर दिया।

बल्लेबाजी में निरंतरता का अभाव देखने को मिला, मध्यक्रम मैच को अंत तक ले जाकर समाप्त करने में संघर्ष करता रहा और गेंदबाजी आक्रमण भी अहम मौकों पर अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सका। पूरी श्रृंखला के दौरान भारतीय टीम लय में नजर नहीं आई। ऐसे में इंग्लैंड के खिलाफ यह श्रृंखला भारत को अपनी कमियों पर काम करने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करेगी। भारत को टी20 विश्व कप में अपना पहला मुकाबला 14 जून को पाकिस्तान के खिलाफ खेलना है।

तेज गेंदबाजी की जिम्मेदारी रेणुका सिंह ठाकुर, क्रांति गौड़ और अरुंधति रेड्डी के कंधों पर रहने की उम्मीद है। इसके अलावा टीम प्रबंधन युवा तेज गेंदबाज नंदिनी शर्मा को भी कुछ मैचों में मौका दे सकता है। नंदिनी ने महिला प्रीमियर लीग में अपनी तेज गेंदबाजी से सभी को प्रभावित किया था।

दक्षिण अफ्रीका दौरे पर भारतीय तेज गेंदबाजों को संघर्ष करना पड़ा था, लेकिन इंग्लैंड की परिस्थितियों में सीम गेंदबाजों को मदद मिलने की संभावना है। ऐसे में भारतीय तेज गेंदबाजों को शुरुआत से ही अधिक अनुशासित और सटीक गेंदबाजी करनी होगी।

इस बीच राधा यादव और यास्तिका भाटिया की वापसी टीम के लिए सकारात्मक खबर है। दोनों खिलाड़ी दक्षिण अफ्रीका श्रृंखला में नहीं खेल सकी थीं। भारत की पहली पसंद की विकेटकीपर यास्तिका भाटिया एसीएल चोट के कारण लंबे समय से टीम से बाहर थीं।

राधा यादव की वापसी से स्पिन विभाग को अनुभव मिलेगा, जिसमें दीप्ति शर्मा, श्री चरणी और श्रेयंका पाटिल भी शामिल हैं। भारतीय टीम को पिछले वर्ष इंग्लैंड दौरे से भी आत्मविश्वास मिलेगा, जब उसने मेजबान टीम को 3-2 से हराकर इंग्लैंड की धरती पर अपनी पहली द्विपक्षीय टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला जीती थी।

दूसरी ओर, इंग्लैंड की टीम न्यूजीलैंड के खिलाफ शानदार प्रदर्शन के बाद इस श्रृंखला में उतर रही है। हालांकि उसे अपनी नियमित कप्तान नैट साइवर-ब्रंट की कमी खलेगी, जो फिलहाल पिंडली की चोट से उबर रही हैं। इसके बावजूद मेजबान टीम को स्टार बल्लेबाज डैनी व्याट-हॉज की वापसी से मजबूती मिली है। डैनी हाल ही में मातृत्व अवकाश के बाद क्रिकेट में लौटी हैं और उनकी मौजूदगी इंग्लैंड की बल्लेबाजी को और मजबूत बनाएगी।

भारत : हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उपकप्तान), शेफाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स, भारती फूलमाली, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष (विकेटकीपर), श्री चरणी, ​​यास्तिका भाटिया (विकेटकीपर), नंदिनी शर्मा, अरुंधति रेड्डी, रेणुका ठाकुर, क्रांति गौड़, श्रेयंका पाटिल, राधा यादव

इंग्लैंड: एम ओर्लोट, टैमी ब्यूमोंट, लॉरेन बेल, एलिस कैप्सी, चार्ली डीन, सोफिया डंकले, सोफी एक्लेस्टोन, लॉरेन फिलर, एमी जोन्स, नैट साइवर-ब्रंट, पेज स्कोफील्ड, लिन्से स्मिथ, डैनी वाट हॉज, इसी वोंग

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