Trending

खिलाड़ियों की मांग को नजरअंदाज करना मुश्किल : जेसिका पेगुला

पुरुष एवं महिला वर्ग में विश्व के नंबर एक खिलाड़ी यानिक सिनर और एरीना सबालेंका के टेनिस टूर्नामेंटों, खासकर ग्रैंड स्लैम प्रतियोगिताओं की पुरस्कार राशि बढ़ाने के अभियान को अब जेसिका पेगुला का भी समर्थन मिल गया है। पेगुला खिलाड़ियों को इस मुद्दे पर एकजुट करने में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।

यूएस ओपन 2024 की उपविजेता पेगुला के लिए यह भूमिका काफी स्वाभाविक मानी जा रही है, क्योंकि वह खेल प्रबंधन से जुड़े परिवार में पली-बढ़ी हैं। उनके माता-पिता एनएफएल टीम बफेलो बिल्स और एनएचएल टीम बफेलो सेब्र्स के मालिक हैं।

पेगुला ने कहा, “मुझे लगता है कि यह भूमिका मेरे लिए स्वाभाविक रूप से आई है, क्योंकि मैंने इसमें कुछ हद तक नेतृत्व की जिम्मेदारी निभाई है।” विश्व की पांचवें नंबर की खिलाड़ी पेगुला को इस साल महिला टेनिस कैलेंडर, रैंकिंग अंकों के नियमों और कुछ प्रतियोगिताओं में भागीदारी की पात्रता तय करने के लिए गठित 13 सदस्यीय पैनल का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी भी दी गई थी। अब वह खिलाड़ियों की पुरस्कार राशि से जुड़े मुद्दों पर भी काम कर रही हैं।

साभार : गूगल

उन्होंने कहा, “मुझे किसी भी खिलाड़ी से यह पूछने में कोई झिझक नहीं होती कि क्या वह इस पहल में रुचि रखता है या नहीं। कुछ खिलाड़ियों को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता, जबकि कुछ तुरंत समर्थन देने के लिए तैयार हो जाते हैं। मैं पुरुष और महिला दोनों वर्गों के खिलाड़ियों से संपर्क कर रही हूं।”

पिछले सप्ताह सबालेंका ने कहा था कि खिलाड़ियों को टूर्नामेंट के राजस्व में बड़ा हिस्सा हासिल करने के लिए बहिष्कार जैसे कदमों पर भी विचार करना चाहिए। वहीं सिनर ने आरोप लगाया था कि आयोजकों में खिलाड़ियों के प्रति पर्याप्त सम्मान की कमी है।

पेगुला ने कहा, “आखिरकार खिलाड़ियों की मांग ही सबसे महत्वपूर्ण होती है। एरीना और यानिक जैसे शीर्ष खिलाड़ियों को इस मुद्दे पर खुलकर बोलते देखना अच्छा लगा। मुझे पता है कि कई अन्य खिलाड़ी भी ऐसा ही महसूस करते हैं। लेकिन जब दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी अपनी राय खुलकर रखते हैं, तो उनकी बात को नजरअंदाज करना मुश्किल हो जाता है।”

एनएफएल और एनएचएल जैसी पेशेवर लीगों में खिलाड़ियों को कुल राजस्व का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा मिलता है, जबकि अधिकांश टेनिस प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों की हिस्सेदारी इससे काफी कम रहती है। खिलाड़ियों द्वारा पिछले सप्ताह जारी बयान के अनुसार, फ्रेंच ओपन में खिलाड़ियों को कथित तौर पर 14.9 प्रतिशत से भी कम राजस्व हिस्सा दिया जा रहा है।

Related Articles

Back to top button