केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने विशाखापत्तनम में गूगल एआई डेटा सेंटर का शिलान्यास किया

रेलवे और सूचना तथा प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के साथ आज विशाखापत्तनम में गूगल क्लाउड इंडिया एआई हब की आधारशिला रखी। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, सेमीकंडक्टर उत्पादन, उन्नत चिप डिजाइन और आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस प्रौद्योगिकी में आगे बढ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ दृष्टिकोण के तहत भारत तेजी से एक विश्वसनीय वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण भागीदार के रूप में उभर रहा है। श्री वैष्णव ने कहा कि देश ने पहले इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, सेमीकंडक्टर उत्पादन और हार्डवेयर विकास में कई अवसर गंवाए थे, लेकिन लक्षित नीतिगत समर्थन और मजबूत राजनीतिक नेतृत्व के कारण हाल के वर्षों में महत्वपूर्ण बदलाव आए हैं। उन्होंने कहा कि स्मार्टफोन अब भारत का सबसे बड़ा निर्यात उत्पाद बन गया है, जो इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में देश की बढ़ती सामर्थ्य को दर्शाता है।
अश्विनी वैष्णन ने कहा कि भारत गुणवत्तापूर्ण और प्रतिस्पर्धी लागतों पर मॉड्यूल, सब-मॉड्यूल, तैयार उत्पाद, घटक, सर्वर और उन्नत इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बनाने में सक्षम है। श्री वैष्णव ने गूगल सहित प्रौद्योगिकी कंपनियों से डेटा सेंटर इकोसिस्टम को सहयोग देने के लिए भारत में सर्वर, जीपीयू सिस्टम और मेमोरी चिप्स का निर्माण करने की अपील की। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत के सेमीकंडक्टर मिशन के अंतर्गत दो सेमीकंडक्टर संयंत्रों में वाणिज्यिक उत्पादन शुरू हो चुका है। उन्होंने भारत के एआई मिशन के तहत भविष्य की प्रौद्योगिकी अवसंरचना परियोजनाओं में बिजली दक्षता में सुधार और जल खपत को कम करने के लिए संयुक्त अनुसंधान पहलों का भी आह्वान किया।
वैष्णव ने विशाखापत्तनम को देश का उभरता हुआ आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस का केंद्र बताया। उन्होंने कहा कि यह शहर जल्द ही “एआई पटनम” के नाम से प्रसिद्ध हो जाएगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एआई हब उन्नत आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस अनुप्रयोगों के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, एयरोस्पेस, लॉजिस्टिक्स और कृषि क्षेत्रों में महत्वपूर्ण प्रगति को बढ़ावा देगा। यह अवसंरचना भारत, यूरोप, अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया, मध्य पूर्व और अमरीका के बीच डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत करेगी।



