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शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तकों की उपलब्धता व वितरण की समीक्षा की

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने वर्तमान शैक्षणिक सत्र के लिए राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद – एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकों की उपलब्धता, प्रकाशन और वितरण कार्यों की समीक्षा की। शिक्षा मंत्रालय ने बताया कि श्री प्रधान ने राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों में पुस्तकों की उपलब्धता और विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले विद्यार्थियों को किताबों की समय से पहुंच सुनिश्चित कराने के लिये राज्य प्रशासन तथा वितरण एजेंसियों के साथ समन्वय का भी जायज़ा लिया। श्री प्रधान ने आपूर्ति श्रृंखला मजबूत करने, छपाई क्षमता बढ़ाने और व्यापक पंहुच सुनिश्चित करने के लिये अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने, पुस्तकों की भौतिक प्रति पंहुचने तक ई-पाठशाला के माध्यम से डिजिटल पाठ्यपुस्तकों की उपलब्धता का भी उल्लेख किया ताकि विद्यार्थी अपनी पढ़ाई जारी रख सकें।

NCERT पुस्तक गुणवत्ता और समीक्षा से संबंधित प्रमुख बातें (2025-26):

विशेषज्ञ समितियां (Expert Panels): NCERT द्वारा गठित समितियों में शिक्षाविद, शिक्षक और विषय विशेषज्ञ शामिल होते हैं। ये समितियां NCERT की पाठ्यपुस्तकों की समीक्षा करती हैं और फीडबैक के आधार पर सुधार का सुझाव देती हैं।

पाठ्यक्रम समीक्षा और संवर्धन: ये समितियां सुनिश्चित करती हैं कि पुस्तकें राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और National Curriculum Framework (NCF) के अनुरूप हों।

फीडबैक पर आधारित समीक्षा: पाठ्यपुस्तकों में किसी भी प्रकार के तथ्यात्मक सुधार या विवादों की जांच के लिए समय-समय पर समितियां बैठाई जाती हैं (जैसे हाल ही में इतिहास की पुस्तकों में समीक्षा)।

शिक्षा मंत्रालय का मार्गदर्शन: NCERT का प्रकाशन विभाग शिक्षा मंत्रालय के दिशानिर्देशों के तहत काम करता है, जो पुस्तकों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार है।

मानक किताबें: कक्षा 1-12 तक के लिए NCERT की पुस्तकें ही स्कूलों के लिए मानक सामग्री हैं, जिन्हें विषय विशेषज्ञों द्वारा गहन शोध के बाद तैयार किया जाता है।

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