पश्चिम बंगाल में चुनाव के दौरान अब तक 510 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध राशि जब्त की गई

भारत निर्वाचन आयोग ने 15 मार्च, 2026 को असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल की विधानसभाओं के आम चुनाव और उपचुनाव के कार्यक्रम की घोषणा की थी। आयोग ने राज्य/केंद्र शासित प्रदेश सरकारों को आदर्श आचार संहिता का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। अब चुनाव आयोग ने चुनाव के दौरान अवैध राशि जब्ती के संदर्भ में कुछ आंकड़े पेश किए हैं।
इससे पहले आयोग ने चुनाव वाले राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और उनके सीमावर्ती राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों, सीईओ, डीजीपी और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ प्रवर्तन एजेंसियों के प्रमुखों के साथ कई समीक्षा बैठकें की हैं। आयोग ने हिंसा-मुक्त, धमकी-मुक्त और प्रलोभन-मुक्त चुनाव सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
शिकायतों का निपटारा 100 मिनट के भीतर सुनिश्चित करने के लिए, सभी राज्यों में 2,728 से अधिक फ्लाइंग स्क्वाड टीमें तैनात की गई हैं। इसके अलावा, विभिन्न स्थानों पर अचानक नाकेबंदी करने के लिए 3,142 से अधिक स्टैटिक सर्विलांस टीमें (नकद, शराब, हथियार का परिवहन को रोकने के लिए चुनाव आयोग द्वारा गठित विशेष दल) भी तैनात की गई हैं। अवैध शराब के निर्माण, भंडारण और वितरण के खिलाफ विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं।
इसके साथ ही पश्चिम बंगाल में अवैध प्रलोभनों की कुल ज़ब्ती 510 करोड़ रुपये से अधिक हो गई है। यह राज्य में विधानसभा चुनाव, 2021 के दौरान दर्ज की गई 339 करोड़ रुपये की ज़ब्ती से भी अधिक है।



