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बांग्लादेशी घुसपैठियों से बदल रही है राज्याें की जनसंख्या संरचना : हिमंत बिस्व सरमा

कोलकाता : असम के मुख्यमंत्री डाॅ. हिमंत बिस्व सरमा ने शनिवार को कहा कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव केवल एक राज्य का चुनाव नहीं है, बल्कि पूरे देश से जुड़ा विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि बांग्लादेशी घुसपैठियों के कारण राज्य की जनसंख्या संरचना बदल रही है और इसका असर पड़ोसी राज्यों तक पहुंच रहा है।

 

कोलकाता में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए असम के मुख्यमंत्री ने दावा किया कि असम में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 126 में से 100 से अधिक सीटें जीतेगी। उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल में पहले चरण की 152 सीटों में से 110 सीटों पर पार्टी जीत दर्ज करेगी।

 

उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में भाजपा 200 से अधिक सीटें भी जीत सकती है। उनके अनुसार पहले चरण में लगभग 93 प्रतिशत मतदान यह दिखाता है कि अब भय का वातावरण नहीं है और लोग खुलकर समर्थन कर रहे हैं।

 

डाॅ. हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि पश्चिम बंगाल का चुनाव पूरे पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस पर बाहरी नेताओं का मुद्दा उठाने का आरोप लगाते हुए कहा कि घुसपैठ का प्रभाव केवल बंगाल और असम तक सीमित नहीं है, बल्कि झारखंड, बिहार और अन्य राज्यों तक फैल रहा है। आरोप लगाया कि यदि पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन नहीं हुआ तो राज्य “बांग्लादेश का विस्तार” बन सकता है। उनका कहना था कि एक बार जनसंख्या संतुलन बदलने के बाद उसे वापस लाना कठिन होता है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत-बांग्लादेश सीमा का 54 प्रतिशत हिस्सा पश्चिम बंगाल से जुड़ा है, जबकि त्रिपुरा का 21 प्रतिशत, मेघालय का 11 प्रतिशत, मिजोरम का आठ प्रतिशत और असम का छह प्रतिशत हिस्सा सीमा से लगता है। उन्होंने कहा कि यदि किसी एक राज्य की सीमा खुली रहती है तो उसका प्रभाव सभी सीमावर्ती राज्यों पर पड़ता है।

 

उन्होंने आरोप लगाया कि मालदा और मुर्शिदाबाद जिलों से प्रवेश करने वाले घुसपैठिये पश्चिम बंगाल में नहीं रुकते, बल्कि असम और देश के अन्य हिस्सों तक पहुंचते हैं।

 

डाॅ. हिमंत बिस्व सरमा ने सीमा पर बाड़बंदी को लेकर तृणमूल कांग्रेस सरकार पर सहयोग न करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि असम में 100 प्रतिशत बाड़बंदी हो चुकी है और त्रिपुरा में काम जारी है, जबकि पश्चिम बंगाल में कार्य नहीं हो रहा है।

 

उन्होंने दावा किया कि उत्तर दिनाजपुर, मालदा, मुर्शिदाबाद, 24 परगना दक्षिण व उत्तर, जलपाईगुड़ी, कूचबिहार और नदिया जैसे सीमावर्ती जिलों में मतदाताओं की संख्या तेज़ी से बढ़ी है।

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