‘मैं JDU का संस्थापक हूं…’ केसी त्यागी ने जाहिर की नाराजगी, बोले- ‘नीतीश के साथ मिलकर बनाई थी पार्टी, अब यूपी में तलाश रहा हूं सियासी जमीन’

Bihar Politics : बिहार के वरिष्ठ नेता और जेडीयू के संस्थापक सदस्यों में से एक केसी त्यागी ने पार्टी से अपने अलगाव की खबरों को खारिज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि उनके मन में किसी तरह की नाराजगी नहीं है और न ही उन्हें राज्यसभा सीट को लेकर कोई शिकायत है। उन्होंने कहा, “सवाल ही पैदा नहीं होता है। एक भी उदाहरण नहीं है कि मैंने राज्यसभा टिकट के लिए प्रयास किया हो।” साथ ही, उन्होंने यह भी बताया कि 2013 में भी नीतीश कुमार ने उन्हें घर बुलाकर ही राज्यसभा का टिकट दिया था।
पार्टी से अलग हो रहा हूं, नीतीश कुमार के साथ रहेंगे संबंध – केसी त्यागी
केसी त्यागी ने कहा, “मैं जेडीयू का संस्थापक हूं। जॉर्ज फर्नांडिस, शरद यादव, नीतीश कुमार, मैंने और दिग्विजय सिंह ने मिलकर जेडीयू बनाई थी, तब से मैं इसका सदस्य हूं। लेकिन इस बार के सदस्यता अभियान में मैंने हिस्सा नहीं लिया। मेरे रिश्ते नीतीश कुमार से और बिहार जेडीयू से जस के तस बने रहेंगे।” उन्होंने अपने पार्टी से अलग होने के पीछे किसी भी तरह के मतभेद से इनकार किया और कहा कि उनके संबंध अभी भी मजबूत हैं।
22 मार्च को समर्थकों के साथ बैठक करेंगे केसी त्यागी
केसी त्यागी ने आगे कहा, “22 मार्च को मेरे समर्थकों और साथियों ने विट्ठल भाई पटेल हाउस में एक मीटिंग रखी है। इसमें फ्यूचर का कोर्स ऑफ एक्शन तय किया जाएगा।” यह बैठक उनके राजनीतिक रणनीति और भविष्य की योजनाओं को लेकर महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
प्रद्युत बोर्दोलोई के इस्तीफे पर दी प्रतिक्रिया
जब उनसे पूछा गया कि कांग्रेस नेता प्रद्युत बोर्दोलोई ने अपने पद से इस्तीफा दिया है, तो केसी त्यागी ने टिप्पणी की, “कांग्रेस पार्टी अपने अवसान पर है। गलत नेतृत्व और गलत रणनीति के चलते यह हर दिन रसातल की तरफ जा रहा है।” उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि कांग्रेस का भविष्य संशय में है।
जेडीयू से दूरी के बाद यूपी में नई सियासी जमीन की तलाश
मीडिया से बातचीत में केसी त्यागी ने पार्टी से अपने संबंधों के बारे में खुलासा किया। उन्होंने कहा, “50 साल हम साथ रहे हैं। इस बार जब पार्टी का सदस्यता अभियान चला है, तो मैंने अपनी मेंबरशिप रिन्यू नहीं कराई। लेकिन रिश्ते ज्यों के त्यों बने हैं। रिश्ता कुछ भी नहीं बिगड़ा है। समाजवादी आंदोलन के अंतिम नेता नीतीश कुमार बचे थे, जो अब बिहार की राजनीति से दिल्ली जा रहे हैं। मेरी जेडीयू में सक्रिय भूमिका कम हो गई है। मैं यूपी में सियासी जमीन तलाश रहा हूं।”
पार्टी से अलगाव का कारण?
केसी त्यागी का यह बयान और उनकी गतिविधियां इस बात को लेकर चर्चा में हैं कि वह अब भविष्य की राजनीतिक प्लानिंग के तहत अपने रास्ते अलग कर रहे हैं। उन्होंने अपने कार्यकाल में जेडीयू के साथ कई अहम भूमिका निभाई है, लेकिन अब वे अपने राजनीतिक करियर को नई दिशा देना चाहते हैं।



