मिडिल ईस्ट में ‘विश्व युद्ध’ की दस्तक : NATO सेना रण क्षेत्र में उतरने को तैयार, 7 खाड़ी देश भी हुए विरोधी

राघवेन्द्र प्रताप सिंह: अमेरिका और इजरायल के साथ जंग-ए-मैदान में ईरान अकेला पड़ गया है। यह स्थिति ईरान के लिए बड़ा झटका साबित हो सकती है, क्योंकि पाकिस्तान के अलावा और कोई देश ईरान के साथ नहीं हैं। ईरान ने इजरायल समेत मध्य पूर्व के 9 देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला करके तबाही मचाई। ईरान की इस कार्रवाई का NATO देशों, यूरोपीय संघ, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी ने विरोध किया है। हमले के कारण खाड़ी देश तो पहले से ही ईरान के विरोधी हो चुके हैं। मध्य पूर्व में मची तबाही के मद्देनजर ईरान अलग-थलग पड़ता नजर आ रहा है।
ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल के साथ ही अब यूरोप भी जुड़ रहा है. ब्रिटेन समेत फ्रांस और जर्मनी ने रविवार को कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो वे खाड़ी क्षेत्र में अपने हितों और अपने सहयोगियों की रक्षा के लिए ईरान के खिलाफ ‘रक्षात्मक कार्रवाई’ करने को तैयार हैं. हालांकि, पहले ब्रिटेन ने अमेरिका का इस युद्ध में किसी तरह की सहायता करने से इनकार किया था, लेकिन बदलती परिस्थिति में अब वह भी साथ आ गया है।
ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी के नेताओं ने इस योजना पर एक साझा बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि वे ‘ईरान द्वारा क्षेत्र के देशों पर किए गए अंधाधुंध और असंगत मिसाइल हमलों से स्तब्ध हैं, जिनमें वे देश भी शामिल हैं जो अमेरिका और इजरायल की शुरुआती सैन्य कार्रवाइयों में शामिल नहीं थे. उन्होंने कहा कि ईरान के लापरवाह हमलों ने हमारे करीबी सहयोगियों को निशाना बनाया है और पूरे क्षेत्र में हमारे सैन्य कर्मियों तथा आम नागरिकों के लिए खतरा पैदा किया है। उन्होंने आगे कहा कि हम ईरान से अपील करते हैं कि वह तुरंत इन लापरवाह हमलों को रोके. बयान में आगे कहा गया कि हम क्षेत्र में अपने हितों और अपने सहयोगियों की रक्षा के लिए कदम उठाएंगे, ताकि ईरान की मिसाइलों और ड्रोन दागने की क्षमता को उनके स्रोत पर ही नष्ट किया जा सके। तीनों देशों ने कहा, ‘हमने इस मुद्दे पर अमेरिका और क्षेत्र के सहयोगियों के साथ मिलकर काम करने पर सहमति जताई है।
ईरान के हमलों में उत्तरी इराक के एरबिल के पास स्थित एक बहुराष्ट्रीय सैन्य अड्डा और जॉर्डन के पूर्वी हिस्से में जर्मन सेना का एक शिविर प्रभावित हुआ है. जर्मन सेना के एक प्रवक्ता ने मीडिया रिपोर्टों की पुष्टि करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इन हमलों में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।



