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उत्तर प्रदेश में एआई नवाचार को लेकर हुआ राज्य स्तरीय सम्मेलन 

राघवेन्द्र प्रताप सिंह: उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और फ्यूचर स्किल्स के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में लगातार ठोस कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप एआई आधारित नवाचार, डिजिटल स्किल्स और रोजगारोन्मुखी तकनीकी विकास को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में मंगलवार को आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के सेंटर फॉर ई-गवर्नेंस द्वारा राज्य स्तरीय एआई-लेड इनोवेशन एंड कैपेसिटी बिल्डिंग कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इसमें दिग्गज टेक कंपनियों, नीति निर्माताओं, शिक्षाविदों और तकनीकी विशेषज्ञों ने एआई नवाचार को लेकर अपने विचार साझा किए।

प्रमुख सचिव, आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स अनुराग यादव ने बताया कि सम्मेलन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल स्किल्स, फ्यूचर स्किल्स, क्षमता निर्माण और रोजगार सृजन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक चर्चा की गई। सम्मेलन का उद्देश्य उत्तर प्रदेश को एआई इनोवेशन हब के रूप में स्थापित करना, युवाओं और सरकारी अधिकारियों की डिजिटल दक्षता को मजबूत करना तथा उद्योग, सरकार और शैक्षणिक संस्थानों के बीच सशक्त सहयोग विकसित करना है।

वैश्विक टेक कंपनियों की भागीदारी :

सम्मेलन में देश-विदेश की दिग्गज टेक कंपनियों ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से एआई आधारित समाधान, डिजिटल इकोसिस्टम और इंडस्ट्री-रेडी टैलेंट को लेकर अपने अनुभव साझा किए। माइक्रोसॉफ्ट, टीसीएस, एचसीएल, गूगल, इंटेल और वाधवानी फाउंडेशन ने एआई के व्यावहारिक उपयोग, स्किल डेवलपमेंट और भविष्य की तकनीकी जरूरतों पर आधारित केस स्टडी प्रस्तुत कीं।

एआई प्रज्ञा’ पहल की शुरुआत :

सम्मेलन के अंतिम चरण में आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग द्वारा ‘एआई प्रज्ञा’ पहल की प्रस्तुति दी गई। इस कार्यक्रम का लक्ष्य प्रदेश के 10 लाख नागरिकों को एआई साक्षरता से जोड़ना, उन्हें भविष्य के डिजिटल अवसरों के लिए तैयार करना और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के योग्य बनाना है।

भाषिणी’ प्लेटफॉर्म पर विशेष प्रस्तुति :

सम्मेलन के तकनीकी सत्रों में भारत सरकार के ‘भाषिणी’ प्लेटफॉर्म पर विशेष प्रस्तुति दी गई। इसमें बहुभाषी डिजिटल सशक्तिकरण और नागरिक सेवाओं में भाषा प्रौद्योगिकी की उपयोगिता पर प्रकाश डाला गया, जो विविधता वाले बड़े राज्य उत्तर प्रदेश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

नासकॉम के साथ एमओयू :

सम्मेलन का एक प्रमुख आकर्षण सेंटर फॉर ई-गवर्नेंस और नासकॉम के बीच हुए एमओयू पर हस्ताक्षर रहा। नासकॉम के फ्यूचर स्किल्स प्राइम कार्यक्रम के तहत यह समझौता प्रदेश के युवाओं को उभरती तकनीकों में प्रशिक्षित करने, उद्योग-उपयोगी कौशल विकसित करने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने में सहायक होगा।

विशेषज्ञों ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उभरती तकनीकें उत्तर प्रदेश के आर्थिक विकास, रोजगार सृजन और सुशासन का मजबूत आधार बन रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्पष्ट विजन है कि प्रदेश का युवा भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तकनीकी रूप से सक्षम बने और एआई जैसी आधुनिक तकनीकों के माध्यम से प्रदेश की विकास यात्रा को नई गति दे।

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