उत्तर प्रदेश के मदरसों में पढ़ रहे विदेशी छात्रों की जांच करेगी सरकार, मांगी गई रिपोर्ट

राघवेन्द्र प्रताप सिंह: उत्तर प्रदेश सरकार और इमिग्रेशन विभाग ने राज्य के मदरसों में पढ़ने वाले विदेशी नागरिकों के बारे में सख्त रुख अपनाया है। इमिग्रेशन और विदेशी अधिनियमों के उल्लंघन के आरोपों के बीच राज्य के सभी जिलों के पुलिस प्रमुखों से विस्तृत जानकारी मांगी गई है। सरकार का कहना है कि विदेशी नागरिकों की शिक्षा और रहने से जुड़े नियमों का सख्ती से पालन करना जरूरी है।
सरकार द्वारा जारी निर्देशों के मुताबिक, सभी विदेशी नागरिकता वाले छात्रों को दो दिनों के भीतर भारत सरकार के गृह मंत्रालय के तहत ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन में रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। इसके लिए छात्रों को RISE फॉर्म पोर्टल पर निर्धारित फॉर्म भरना होगा. ऐसा न करने पर छात्रों और संबंधित संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। इसमें नेपाली छात्र भी शामिल हैं।
इस मामले को लेकर आजमगढ़ की जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी वर्षा अग्रवाल ने मंगलवार को एक स्पष्ट आदेश जारी किया। आदेश में कहा गया है कि जिन मदरसों में विदेशी छात्र पढ़ रहे हैं, उन्हें फौरन अपने संस्थानों में पढ़ने वाले ऐसे सभी छात्रों की लिस्ट, उनकी नागरिकता का प्रमाण, एडमिशन की पूरी जानकारी और जरूरी दस्तावेज अपने कार्यालय में जमा करने होंगे। इसका मकसद उच्च अधिकारियों को समय पर सही और पूरी जानकारी देना है।
अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने सभी जिलों के मदरसों को पत्र जारी कर निर्देश दिया है कि वे बिना वैध अनुमति के किसी भी विदेशी नागरिक को मदरसों में एडमिशन या पढ़ाई करने की इजाजत न दें। यह कदम इमिग्रेशन नियमों के भविष्य में होने वाले किसी भी उल्लंघन को रोकने के लिए उठाया गया है।



