हिमाचल में सुबह-सुबह लगे भूकंप के झटके, चंबा और कांगड़ा में कांपी धरती; घरों से बाहर निकले लोग

सरिता त्रिपाठी
शिमला/धर्मशाला: हिमाचल प्रदेश के चंबा और कांगड़ा जिलों में शुक्रवार (6 नवंबर, 2026) की सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए। सुबह-सुबह धरती के हिलने से लोगों में दहशत का माहौल बन गया और कई लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। राहत की बात यह है कि भूकंप की तीव्रता कम होने के कारण अभी तक किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की कोई खबर सामने नहीं आई है।
कब और कहां आया भूकंप?
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, यह भूकंप सुबह 6 बजकर 59 मिनट और 46 सेकंड पर आया। इसका केंद्र चंबा से लगभग 18 किलोमीटर उत्तर में स्थित था। भूकंप का केंद्र 32.719 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 76.123 डिग्री पूर्वी देशांतर पर जमीन से करीब 15 किलोमीटर की गहराई में दर्ज किया गया।
कितनी थी तीव्रता?
नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के मुताबिक, रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 3.2 मापी गई है। यह एक हल्का भूकंप माना जाता है, लेकिन सुबह के समय लोगों में इसका असर स्पष्ट रूप से महसूस किया गया। चंबा और आसपास के इलाकों में लोगों ने झटके महसूस होने पर घरों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचे।
क्या हुआ नुकसान?
अभी तक प्राप्त जानकारी के मुताबिक, भूकंप से किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान या संपत्ति को क्षति पहुंचने की कोई खबर नहीं है। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों से घबराने के बजाय सतर्क रहने की अपील की गई है।
क्यों संवेदनशील है कांगड़ा-चंबा क्षेत्र?
कांगड़ा और चंबा का इलाका भूकंपीय दृष्टि से बेहद संवेदनशील माना जाता है। यह क्षेत्र सीस्मिक जोन-4 और जोन-5 में आता है, जहां भूकंप का खतरा अधिक रहता है। पिछले कुछ सालों में इस क्षेत्र में भूकंप के छोटे-छोटे झटके लगातार दर्ज किए जाते रहे हैं।
1905 के विनाशकारी भूकंप की याद
कांगड़ा की धरती पर भूकंप का इतिहास बेहद भयावह रहा है। 4 अप्रैल 1905 को आए विनाशकारी भूकंप ने पूरे क्षेत्र को हिलाकर रख दिया था। उस भूकंप की तीव्रता लगभग 7.8 से 8.0 के बीच आंकी गई थी, जिसमें हजारों मकान जमींदोज हो गए थे और 18,000 से अधिक लोगों की जान चली गई थी। ऐसे में हर छोटा भूकंप भी इस क्षेत्र के लिए एक चेतावनी संदेश माना जाता है।
तेलंगाना में भी महसूस हुए झटके
इसी दिन सुबह तेलंगाना के नारायणपेट में भी भूकंप के झटके दर्ज किए गए। यहां भूकंप की तीव्रता 2.5 मापी गई। इसका केंद्र जमीन से 5 किलोमीटर की गहराई पर था। वहां भी किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं है।
