'जरूरत पड़ी तो ईरान के बाकी हिस्सों को भी तबाह कर दूंगा', ट्रंप की नई धमकी; कहा- हम पूरी तरह 'लॉक्ड एंड लोडेड' हैं

विवेक ओझा
वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार (5 नवंबर, 2026) को ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ईरान को लेकर एक बार फिर बड़ी चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान के खिलाफ और सैन्य कार्रवाई कर सकता है और जरूरत पड़ी तो वह ईरान के बाकी हिस्सों को भी तबाह करने से नहीं हिचकिचाएंगे। ट्रंप के इस ताजा बयान से दुनिया में एक बार फिर संशय का माहौल बन गया है।
'मैं बाकी देश को बर्बाद नहीं करना चाहूंगा, लेकिन...'
ट्रंप ने स्पष्ट किया कि वे अधिक तबाही से बचना चाहते हैं, लेकिन उन्होंने यह भी माना कि हालात के हिसाब से उन्हें यह कदम उठाना पड़ सकता है। उन्होंने कहा, "अगर संभव हो तो मैं बाकी देश को बर्बाद नहीं करना चाहूंगा। हो सकता है कि मुझे ऐसा करना पड़े। आपको जल्द ही पता चल जाएगा कि अमेरिका क्या कार्रवाई करेगा।" उन्होंने दावा किया कि अगर ऐसा हुआ, तो ईरान को खुद को फिर से खड़ा करने में 25 साल लग जाएंगे।
अमेरिकी सेना 'लॉक्ड एंड लोडेड'
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना हर तरह की सैन्य कार्रवाई के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, "हमारी सेना अभी पहले से कहीं ज्यादा हथियार बना रही है। अगर हमें ईरान के बाकी हिस्से को भी निपटाना पड़ा, तो हम पूरी तरह 'लॉक्ड एंड लोडेड' हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि उनका प्रशासन यह तय करेगा कि ईरान को परमाणु क्षमता हासिल करने से रोकने के लिए और कार्रवाई जरूरी है या नहीं।
ईरान की मंजूरी के बिना कुछ नहीं होगा
ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर जोर देते हुए कहा कि तेहरान अमेरिका की मंजूरी के बिना अपना परमाणु कार्यक्रम आगे नहीं बढ़ा सकता। उन्होंने कहा, "वे हमारी मंजूरी के बिना कुछ नहीं कर रहे हैं। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वे क्या देख रहे हैं। उनके पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए।"
मध्यावधि चुनाव में हार के बाद बयान
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब 3 नवंबर को हुए मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेट्स ने कांग्रेस के दोनों सदनों पर नियंत्रण हासिल कर लिया है, जिससे ट्रंप की सैन्य रणनीति और विदेश नीति पर सवाल उठने लगे हैं। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी स्वीकार किया था कि ईरान युद्ध और ईंधन की बढ़ती कीमतों ने रिपब्लिकन पार्टी की हार में अहम भूमिका निभाई।
ईरान ने भेजा नया प्रस्ताव
इस बीच, रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर एक नया प्रस्ताव कतर के जरिए अमेरिका को भेजा है। यह प्रस्ताव व्यापक शांति समझौते की शर्तों से अलग बताया जा रहा है और इसकी प्रगति ईरान की बाकी सात शर्तों को मानने पर निर्भर है। ट्रंप ने इस प्रस्ताव पर कोई टिप्पणी नहीं की और सिर्फ इतना कहा कि ईरान अमेरिकी मंजूरी के बिना कोई फैसला नहीं ले सकता।
डेमोक्रेट्स ने जताई नाराजगी
ट्रंप की इस धमकी पर अमेरिकी कांग्रेस की डेमोक्रेटिक सदस्य यास्मीन अंसारी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे 'मानवता के खिलाफ अपराध' करार देते हुए कहा, "वह एक बार फिर 9 करोड़ लोगों के देश को खत्म करने की धमकी दे रहे हैं। डेमोक्रेट्स को इस गैर-जिम्मेदाराना युद्ध को खत्म करने के लिए तत्काल कदम उठाने चाहिए।"
राजनीतिक और सामरिक संदर्भ
विश्लेषकों के मुताबिक, ट्रंप का यह बयान मध्यावधि चुनावों में मिली हार के बाद अपनी कमजोर होती स्थिति को संभालने और समर्थकों के बीच मजबूत छवि बनाए रखने की कोशिश का हिस्सा हो सकता है। हालांकि, ईरान की ओर से आए नए प्रस्ताव ने कूटनीति का रास्ता भी खुला रखा है। अब देखना यह महत्वपूर्ण होगा कि अमेरिका सैन्य कार्रवाई का रास्ता चुनता है या कूटनीतिक समाधान की ओर बढ़ता है।
