विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर की ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटेन के पीएम से CHOGM में हुई मुलाकात

नई दिल्ली ( अभिषेक सिंह) : विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने बुधवार को कॉमनवेल्थ हेड्स ऑफ गवर्नमेंट मीटिंग (CHOGM) 2026 के दौरान ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम से अलग-अलग मुलाकात की। दोनों बैठकों में द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत बनाने पर विस्तृत चर्चा हुई।
डॉ. एस. जयशंकर ने प्रधानमंत्री अल्बनीज़ से मुलाकात के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “CHOGM 2026 में प्रधानमंत्री अल्बनीज़ से मिलकर अच्छा लगा।”
यह मुलाकात दोनों देशों के बीच लगातार हो रहे उच्च-स्तरीय संपर्कों की कड़ी है। पिछले सप्ताह रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने फिलीपींस में आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक (ADMM-Plus) के दौरान ऑस्ट्रेलिया के उप-प्रधानमंत्री रिचर्ड मार्लेस से मुलाकात की थी। उस दौरान रक्षा सहयोग, सैन्य तालमेल बढ़ाने और क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों पर बातचीत हुई थी। राजनाथ सिंह ने साफ कहा था कि स्वतंत्र, खुला और सुरक्षित हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए भारत ऑस्ट्रेलिया के साथ अपनी व्यापक रणनीतिक साझेदारी को बहुत महत्व देता है।
इससे पहले जुलाई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑस्ट्रेलिया का दौरा किया था। मेलबर्न में आयोजित ऑस्ट्रेलिया-भारत वार्षिक नेताओं के शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों देशों ने 18 महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इनमें रक्षा समझौता और असैन्य परमाणु सहयोग (यूरेनियम आपूर्ति) शामिल थे।
डॉ. एस. जयशंकर ने CHOGM के दौरान ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम से भी मुलाकात की। इस बातचीत में भारत-ब्रिटेन व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते (CETA) के तहत आर्थिक सहयोग बढ़ाने और बदलते वैश्विक परिदृश्य पर विचारों का आदान-प्रदान हुआ।
विदेश मंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया, “CHOGM 2026 के दौरान यूनाइटेड किंगडम के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम से मिलकर खुशी हुई। मैंने उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शुभकामनाएं दीं। हमने CETA के संदर्भ में अपनी आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने और वैश्विक परिदृश्य पर चर्चा की।”
इससे पहले जुलाई में प्रधानमंत्री मोदी ने बर्नहम से फोन पर बात की थी। पीएम मोदी ने उन्हें प्रधानमंत्री पद संभालने पर बधाई दी थी और तकनीक, नवाचार, रक्षा, सुरक्षा, स्वच्छ ऊर्जा, शिक्षा तथा लोगों के बीच संबंधों जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई थी। दोनों नेताओं ने हाल ही में लागू हुए CETA से व्यापार और निवेश के अवसरों का पूरा लाभ उठाने का संकल्प भी लिया था।
CHOGM 2026 के दौरान ये मुलाकातें भारत की सक्रिय कूटनीति को रेखांकित करती हैं, जिसमें हिंद-प्रशांत सुरक्षा से लेकर व्यापारिक साझेदारी तक कई मोर्चों पर सहयोग को आगे बढ़ाने पर फोकस है।
