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मुख्यमंत्री धामी का ऐलान, शिक्षा बोर्ड का पाठ्यक्रम न पढ़ाने वाले मदरसे होंगे बंद

हरिद्वार : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार में एक कार्यक्रम के दौरान मदरसा शिक्षा को लेकर बड़ा और सख्त संदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि राज्य में संचालित सभी मदरसों में अब उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद के…

Ragwendra P Singh
April 19, 2026
2 min read
मुख्यमंत्री धामी का ऐलान, शिक्षा बोर्ड का पाठ्यक्रम न पढ़ाने वाले मदरसे होंगे बंद

हरिद्वार : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार में एक कार्यक्रम के दौरान मदरसा शिक्षा को लेकर बड़ा और सख्त संदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि राज्य में संचालित सभी मदरसों में अब उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद के निर्धारित पाठ्यक्रम लागू किया जाएगा। जो मदरसे इस पाठ्यक्रम को नहीं अपनाएंगे, उन्हें बंद कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने शीघ्र ही राज्य का मदरसा बोर्ड भंग कर नया प्राधिकरण लागू करने बात कही है।

 

मुख्यमंत्री धामी रविवार को यहां अखण्ड परम धाम में स्वामी परमानंद गिरि के संन्यास दिवस समारोह काे संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्षों से संचालित मदरसा बोर्ड को भंग कर दिया गया है। अब उसकी जगह उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का गठन किया गया है। इसके तहत सभी मदरसों को प्राधिकरण से मान्यता लेना अनिवार्य होगा और उत्तराखंड बोर्ड से संबद्धता भी जरूरी होगी। उन्होंने कहा कि राज्य में 1 जुलाई 2026 से बोर्ड का पाठ्यक्रम लागू किया जाएगा और जो मदरसे इस पाठ्यक्रम को नहीं अपनाएंगे, उन्हें बंद कर दिया जाएगा।

 

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य सभी बच्चों को समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना है, जिसमें आधुनिक विषय भी शामिल हों। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि चारधाम यात्रा के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने बताया कि यात्रियों की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। सुरक्षा और सुगमता पर विशेष ध्यान दिया गया है। पिछले अनुभवों के आधार पर व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाया गया है।

 

महिला आरक्षण के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने विपक्ष की आलोचना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नेतृत्व की केंद्र सरकार की ओर से संसद में लाए गए नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध कर विपक्ष ने महिलाओं के अधिकारों को नुकसान पहुंचाया है।

 

उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने 1 जुलाई 2026 से उत्तराखंड में मदरसा बोर्ड को भंग करने का फैसला लिया गया है, जिसमें सभी जिले शामिल हैं। इस फैसले के तहत अब मदरसाें को उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा बोर्ड से जुड़कर निर्धारित पाठ्यक्रम लागू करना होगाऔर राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के नियमों के तहत काम करना होगा। मुख्यमंत्री धामी के राज्य के मदरसा बोर्ड भंग करने के फैसले का संत समाज ने समर्थन किया।

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