यूपी पुलिस महकमे में आया भयंकर भूकंप! योगी सरकार का 'महा-एक्शन', एक साथ 18 आईपीएस अफसरों का हुआ ताबड़तोड़ तबादला; मची भारी खलबली
राघवेंद्र प्रताप सिंह लखनऊ/उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश में अपराधियों पर नकेल कसने और कानून-व्यवस्था को पूरी तरह से अभेद्य बनाए रखने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपना सबसे कड़ा 'प्रशासनिक हंटर' चला दिया है। सूबे…

राघवेंद्र प्रताप सिंह
लखनऊ/उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश में अपराधियों पर नकेल कसने और कानून-व्यवस्था को पूरी तरह से अभेद्य बनाए रखने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपना सबसे कड़ा 'प्रशासनिक हंटर' चला दिया है। सूबे के पुलिस महकमे में एक बहुत बड़ा और ऐतिहासिक फेरबदल करते हुए शासन ने एक साथ 18 आईपीएस (भारतीय पुलिस सेवा) अधिकारियों का ताबड़तोड़ तबादला कर दिया है। शासन स्तर से अचानक जारी हुई इस लंबी सूची ने पूरे पुलिस विभाग की रातों की नींद उड़ा दी है। मुख्यमंत्री का यह कड़ा एक्शन उन सभी अधिकारियों के लिए एक खुला और खौफनाक अल्टीमेटम है, जो अपनी ड्यूटी और कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर जरा भी लापरवाही बरत रहे थे।
लापरवाही पर चला 'योगी का बुलडोजर': क्या है इस महा-फेरबदल की इनसाइड स्टोरी?
चुनावी तैयारियों और सूबे में अपराध के पूर्ण खात्मे के लिए सरकार ने पुलिस महकमे की पूरी बिसात को नए सिरे से बिछा दिया है। इस बड़े फेरबदल के पीछे शासन की रणनीति एकदम स्पष्ट है:
- काम में कोताही पर 'जीरो टॉलरेंस': शासन ने उन आईपीएस अधिकारियों को सीधे तौर पर किनारे कर दिया है, जिनके इलाकों में अपराध का ग्राफ बढ़ रहा था या जो जनता की शिकायतों को गंभीरता से नहीं ले रहे थे। योगी सरकार ने साफ कर दिया है कि महकमे में अब सिर्फ 'परफॉर्मेंस' (काम) के आधार पर ही कुर्सी मिलेगी।
- तेजतर्रार अफसरों को मिली बड़ी कमान: अपराधियों और माफियाओं के भीतर पुलिस का भारी खौफ पैदा करने के लिए जिलों और महत्वपूर्ण रेंजों की कमान अब युवा, तेजतर्रार और खौफनाक छवि वाले आईपीएस अफसरों के हाथों में सौंपी गई है।
- माफियाओं और गुंडों के लिए 'कयामत' का संदेश: नई पुलिस टीम के मैदान में उतरने का सीधा मतलब है कि अब पूरे सूबे में माफियाओं, भू-माफियाओं और गुंडों के खिलाफ एक नया और बेहद आक्रामक 'सफाई अभियान' शुरू होने जा रहा है।
तबादलों की पूरी सूची जारी, कई जिलों के कप्तान भी बदले
इस महा-फेरबदल में राजधानी से लेकर पूर्वांचल और पश्चिमांचल तक के कई अहम जिलों के पुलिस कप्तान और वरिष्ठ अधिकारियों के कार्यक्षेत्र पूरी तरह से बदल दिए गए हैं। पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी की गई इस 18 अफसरों की सूची ने साबित कर दिया है कि कानून-व्यवस्था के मामले में मुख्यमंत्री किसी भी तरह का समझौता करने के मूड में बिल्कुल नहीं हैं।
उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग में 18 आईपीएस अधिकारियों का यह ताबड़तोड़ तबादला राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था में एक बहुत बड़ा 'सर्जिकल स्ट्राइक' है। योगी सरकार का यह कड़ा और आक्रामक कदम इस बात की पक्की गारंटी है कि यूपी में कानून का राज हर हाल में स्थापित रहेगा और काम में लापरवाही बरतने वाले किसी भी अफसर को बख्शा नहीं जाएगा।
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