समाचार पोर्टल

कैलाश मानसरोवर यात्रा की तैयारी पूरी , मौसमी चुनौतियों के लिए रहें श्रद्धालु भी रहें तैयार

नई दिल्ली (अभिषेक सिंह) : चीन में भारत के राजदूत विक्रम दोरईस्वामी ने रविवार को कैलाश मानसरोवर यात्रा के तीर्थयात्रियों के लिए एक वीडियो संदेश जारी किया। इसमें उन्होंने यात्रियों के लिए की जा रही तैयारियों, परिक्रमा के…

Ragwendra P Singh
June 22, 2026
2 min read
कैलाश मानसरोवर यात्रा की तैयारी पूरी , मौसमी चुनौतियों के लिए रहें श्रद्धालु भी रहें तैयार

नई दिल्ली (अभिषेक सिंह) : चीन में भारत के राजदूत विक्रम दोरईस्वामी ने रविवार को कैलाश मानसरोवर यात्रा के तीर्थयात्रियों के लिए एक वीडियो संदेश जारी किया। इसमें उन्होंने यात्रियों के लिए की जा रही तैयारियों, परिक्रमा के अपने अनुभव और यात्रा से जुड़ी जरूरी सलाह साझा की। राजदूत और दूतावास के उनके साथियों ने खुद कैलाश पर्वत की परिक्रमा वाले रास्ते और आधिकारिक यात्रा के सभी प्रवेश स्थानों का दौरा किया।

उन्होंने बताया कि यह जगह स्थानीय लोगों के लिए भी बहुत पवित्र है। इसलिए यात्रियों को वहां काफी भीड़ मिलने की उम्मीद रखनी चाहिए, क्योंकि यह चीनी और पारंपरिक तिब्बती कैलेंडर के हिसाब से हर 12 साल में आने वाला एक खास साल है। उन्होंने बताया कि दूतावास की टीम ने सिर्फ प्रवेश स्थानों का ही निरीक्षण नहीं किया, बल्कि उन होटलों को भी देखा जहां यात्रियों को हर रात ठहराया जाएगा। टीम ने रसोई, यात्रियों के लिए उपलब्ध कमरों और वहां मौजूद मुख्य चिकित्सा सुविधाओं की भी जांच की।

राजदूत ने कहा कि चीनी सरकार के साथ मिलकर तैयारियां पूरी करने की कोशिश की गई है, लेकिन यात्रियों को इस यात्रा की कठिनाइयों के बारे में भी पता होना चाहिए। उन्होंने कहा, “यह बहुत ऊंचाई वाला इलाका है। यात्रा के दौरान आप ज्यादातर समय समुद्र तल से 3,500 मीटर से ऊपर रहेंगे। परिक्रमा का रास्ता लगभग 5,605 मीटर की ऊंचाई तक जाता है, यानी करीब 6,000 मीटर तक।”

उन्होंने मौसम की मुश्किलों के बारे में बताते हुए कहा, “जैसा कि आप देख सकते हैं, आपसे बात करते हुए भी मुझे सांस संभालनी पड़ रही है। खासकर पवित्र कैलाश पर्वत के आसपास मौसम बहुत तेजी से बदलता है। एक ही समय पर बर्फबारी, धूप और बारिश जैसी स्थिति हो सकती है।” राजदूत ने यात्रियों को कपड़ों की तैयारी, स्वास्थ्य का ध्यान रखने और ऑक्सीजन स्तर से जुड़ी सावधानियों के बारे में भी सलाह दी।

यह यात्रा श्रद्धालुओं के लिए सबसे पवित्र धार्मिक यात्राओं में से एक मानी जाती है। इस साल कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील की यात्रा फिर से शुरू हो रही है, जो चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में स्थित हैं। इस साल कुल 500 श्रद्धालु नाथू ला मार्ग से यात्रा करेंगे। इन्हें 50-50 यात्रियों के 10 समूहों में बांटा गया है। हर समूह के साथ एक संपर्क अधिकारी और एक मेडिकल सहायक रहेगा, ताकि यात्रा के दौरान बेहतर तालमेल बना रहे और जरूरत पड़ने पर मदद मिल सके।

इस खबर को लाइक और शेयर करें

Comments (0)

0/2000 characters

Facebook टिप्पणियाँ

टिप्पणी करने के लिए Facebook में लॉगिन करें

टिप्पणियां अक्षम हैं। व्यवस्थापक से संपर्क करें।

सम्बंधित ख़बरें

अक्षय कुमार ने मुख्यमंत्री धामी से की मुलाकात, फिल्म नीति पर चर्चा

देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से रविवार को मुख्यमंत्री आवास पर बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान प्रदेश की फिल्म नीति, फिल्म निर्माण की संभावनाओं और उत्तराखंड को प्रमुख फिल्म शूटिंग…

योगी सरकार के लगातार प्रयास से 9 लाख से अधिक रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित

3,000 मेगावाट से अधिक सौर क्षमता, 1 लाख से ज्यादा प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी स्थापना दर प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना में उत्तर प्रदेश ने प्राप्त की ऐतिहासिक उपलब्धि लखनऊ । योगी सरकार…

मायावती ने ईशान आनंद को बनाया बसपा का राष्ट्रीय संयोजक

लखनऊ : बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने अपने भाई आनंद कुमार के छोटे बेटे ईशान आनंद को पार्टी का राष्ट्रीय संयोजक बनाया है। इससे पहले यह पद आकाश आनंद के पास था, लेकिन मायावती ने उन्हें पार्टी से…

बद्रीनाथ धाम में श्रद्धालुओं की संख्या ने बनाया नया रिकॉर्ड, 17.79 लाख पार

देहरादून : बद्रीनाथ धाम में इस वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या ने अब तक के सभी पुराने रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिए हैं। 22 सितंबर तक 153 दिनों में 17 लाख 79 हजार 805 श्रद्धालु भगवान बद्रीविशाल के दर्शन कर चुके हैं। यात्रा के कपाट…