नागपुर MLC चुनाव में कांग्रेस ने पलटा पासा, फडणवीस-गडकरी के गढ़ में बीजेपी को हराया; अभिजीत वंजारी की लगातार दूसरी जीत
मतगणना मंगलवार सुबह शुरू हुई और गुरुवार तड़के करीब 40 घंटे से अधिक समय तक चली। शुरुआती दौर में भाजपा उम्मीदवार सुधाकर कोहले आगे थे। दूसरे राउंड की गिनती के बाद कोहले के 60,924 वोट थे, जबकि वंजारी को 56,630 वोट मिले थे। निर्दलीय उम्मीदवार नितेश कराले को 24,249 वोट मिले, लेकिन किसी को भी जीत का कोटा नहीं मिला। इसके बाद दूसरी वरीयता के मतों की गिनती शुरू हुई, जिसमें वंजारी ने बढ़त बनाई और अंततः 67,231 वोटों के साथ जीत हासिल की, जबकि कोहले 63,960 वोटों पर सिमट गए।

अभिषेक सिंह/ नागपुर: महाराष्ट्र विधान परिषद (MLC) चुनाव में कांग्रेस ने बड़ा उलटफेर करते हुए नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र पर कब्जा बरकरार रखा है। कांग्रेस उम्मीदवार और मौजूदा एमएलसी अभिजीत गोविंदराव वंजारी ने भाजपा के पूर्व विधायक सुधाकर कोहले को महज 3,271 वोटों के अंतर से हरा दिया। यह जीत इसलिए भी अहम है क्योंकि नागपुर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का गढ़ माना जाता है, और यहीं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का मुख्यालय भी है।
कैसे बदला पासा?
मतगणना मंगलवार सुबह शुरू हुई और गुरुवार तड़के करीब 40 घंटे से अधिक समय तक चली। शुरुआती दौर में भाजपा उम्मीदवार सुधाकर कोहले आगे थे। दूसरे राउंड की गिनती के बाद कोहले के 60,924 वोट थे, जबकि वंजारी को 56,630 वोट मिले थे। निर्दलीय उम्मीदवार नितेश कराले को 24,249 वोट मिले, लेकिन किसी को भी जीत का कोटा नहीं मिला। इसके बाद दूसरी वरीयता के मतों की गिनती शुरू हुई, जिसमें वंजारी ने बढ़त बनाई और अंततः 67,231 वोटों के साथ जीत हासिल की, जबकि कोहले 63,960 वोटों पर सिमट गए।
कौन हैं अभिजीत वंजारी?
अभिजीत वंजारी पेशे से अधिवक्ता और शिक्षाविद् हैं। उनका राजनीतिक सफर छात्र राजनीति से शुरू हुआ और वे 1998 से 2002 तक एनएसयूआई के महाराष्ट्र प्रदेश महासचिव रहे। वे नागपुर के एक राजनीतिक परिवार से आते हैं; उनके पिता स्वर्गीय गोविंदराव वंजारी दक्षिण नागपुर विधानसभा क्षेत्र से दो बार विधायक रह चुके थे। वंजारी ने दिसंबर 2020 में भी यह सीट जीती थी, तब उन्होंने भाजपा को 18,000 से अधिक वोटों से हराया था।
फडणवीस को डिलीट करनी पड़ी पोस्ट
इस चुनाव ने सत्तारूढ़ भाजपा के लिए शर्मिंदगी भी खड़ी कर दी। नतीजे आने से पहले मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोशल मीडिया 'X' पर पोस्ट कर कांग्रेस पर तंज कसते हुए दावा किया था कि MLC चुनाव में कांग्रेस को 'बिग फैट जीरो' यानी शून्य सीटें मिली हैं। लेकिन जैसे ही नागपुर में कांग्रेस ने जीत दर्ज की, फडणवीस को अपनी पोस्ट डिलीट करनी पड़ी। कांग्रेस ने इस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि फडणवीस ने नतीजे आने से पहले ही जश्न मना लिया था और उनका 'तीर' पलटकर उन्हीं के सीने में लगा।
महाराष्ट्र में MVA को 3, महायुति को 2 सीटें
महाराष्ट्र की कुल 5 MLC सीटों पर हुए चुनाव में विपक्षी महा विकास आघाड़ी (MVA) ने 3 सीटें जीतकर बढ़त बनाई, जबकि सत्तारूढ़ महायुति को 2 सीटों से संतोष करना पड़ा। MVA की ओर से कांग्रेस ने 1 और राकांपा (शरद पवार) ने 2 सीटें जीतीं, जबकि भाजपा और शिवसेना (शिंदे गुट) को 1-1 सीट मिली। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि यह जीत 'मोदी-फडणवीस के भ्रम के गुब्बारे' को फोड़ने वाली है।
यह नतीजा न केवल महाराष्ट्र बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी एक राजनीतिक संदेश माना जा रहा है, क्योंकि आगामी चुनावों से पहले विपक्ष को मजबूती मिली है और सत्तारूढ़ दल की 'अजेयता' के दावे पर सवाल उठे हैं।
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