जामिया प्रशासन की शिकायत पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, कांग्रेस सांसद इमरान मसूद और इमरान प्रतापगढ़ी पर एफआईआर
विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रो. मोहम्मद महताब आलम रिजवी की शिकायत के आधार पर यह एफआईआर दर्ज की गई है। आरोप है कि ये नेता बिना अनुमति विश्वविद्यालय परिसर में घुसे और आंदोलनकारी छात्रों को भड़काकर माहौल खराब करने की कोशिश की। शिकायत में यह भी कहा गया है कि इमरान मसूद दीवार फांदकर परिसर में घुसे, जबकि इमरान प्रतापगढ़ी ने ताला तोड़कर प्रवेश किया। पुलिस ने दोनों कांग्रेसी सांसदों पर आपराधिक षड्यंत्र रचने की धाराएं भी लगाई हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने साक्ष्य के तौर पर कुछ वीडियो और फोटोग्राफ भी पुलिस को उपलब्ध कराए हैं।

विवेक ओझा/ नई दिल्ली: जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में छात्र संघ चुनाव की बहाली को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच दिल्ली पुलिस ने रविवार (25 अक्टूबर, 2026) रात बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन सांसदों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। जामिया नगर थाने में दर्ज एफआईआर में कांग्रेस के लोकसभा सांसद इमरान मसूद, राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी और समाजवादी पार्टी के सांसद मोहिबुल्लाह नदवी को आरोपी बनाया गया है।
क्या हैं आरोप?
विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रो. मोहम्मद महताब आलम रिजवी की शिकायत के आधार पर यह एफआईआर दर्ज की गई है। आरोप है कि ये नेता बिना अनुमति विश्वविद्यालय परिसर में घुसे और आंदोलनकारी छात्रों को भड़काकर माहौल खराब करने की कोशिश की। शिकायत में यह भी कहा गया है कि इमरान मसूद दीवार फांदकर परिसर में घुसे, जबकि इमरान प्रतापगढ़ी ने ताला तोड़कर प्रवेश किया। पुलिस ने दोनों कांग्रेसी सांसदों पर आपराधिक षड्यंत्र रचने की धाराएं भी लगाई हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने साक्ष्य के तौर पर कुछ वीडियो और फोटोग्राफ भी पुलिस को उपलब्ध कराए हैं।
प्रदर्शन की पृष्ठभूमि
जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्र संघ (JMISU) को 2006 में भंग कर दिया गया था, जिसके बाद से यहां छात्र संघ चुनाव नहीं हुए हैं। 12 अक्टूबर से छात्र संघ की बहाली, प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई वापस लेने और चीफ प्रॉक्टर को हटाने की मांग को लेकर छात्र आंदोलन कर रहे हैं। इस बीच परिसर की दीवारों पर विवादित नारे भी लिखे गए, जिसके बाद तनाव और बढ़ गया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इन नारों की निंदा की है और सुरक्षा कारणों से सभी कक्षाओं को अगली सूचना तक ऑनलाइन मोड पर स्थानांतरित कर दिया है।
सियासी माहौल गरमाया
इस एफआईआर के बाद जामिया में सियासी पारा चढ़ गया है। छात्र संगठनों ने पुलिस कार्रवाई को छात्रों के खिलाफ कठोर कदम बताया है। वहीं, विपक्षी दलों ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और सभी पहलुओं पर गौर किया जा रहा है।
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