हाई-स्पीड कॉरिडोर पर सुरक्षा ग्रिड: लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर एंट्री-एग्जिट पॉइंट्स और स्पीड लिमिट का आधिकारिक निर्धारण

राघवेंद्र प्रताप सिंह/ लखनऊ/कानपुर: उत्तर प्रदेश के दो सबसे बड़े औद्योगिक और प्रशासनिक शहरों को जोड़ने वाले बहुप्रतीक्षित लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे (Lucknow-Kanpur Expressway) के निर्माण कार्य के अंतिम चरण में पहुंचने के साथ ही, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और राज्य परिवहन विभाग ने इस पर सुचारू और सुरक्षित यातायात सुनिश्चित करने के लिए कमर कस ली है। इस हाई-स्पीड कॉरिडोर पर सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और यातायात प्रबंधन को आधुनिक बनाने के लिए एंट्री-एग्जिट पॉइंट्स और सख्त स्पीड लिमिट (गति सीमा) का आधिकारिक निर्धारण कर दिया गया है।
तय की गई गति सीमा (Speed Limit)
चूंकि यह एक नियंत्रित-पहुंच (Access-Controlled) एक्सप्रेसवे है, इसलिए इस पर वाहनों की गति को लेकर कड़े नियम बनाए गए हैं। एनएचएआई (NHAI) द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार:
- हल्के मोटर वाहन (कार, एसयूवी): अधिकतम गति सीमा 120 किलोमीटर प्रति घंटा तय की गई है।
- भारी वाहन (बस, ट्रक): अधिकतम गति सीमा 80 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है।
- एक्सप्रेसवे के हर 5 किलोमीटर पर ऑटोमैटिक स्पीड डिटेक्शन कैमरे (ANPR) लगाए गए हैं, जो गति सीमा का उल्लंघन करने वाले वाहनों का रियल-टाइम में ऑटो-चालान जेनरेट करेंगे।
धीमे और असुरक्षित वाहनों पर पूर्ण प्रतिबंध
यात्रियों की सुरक्षा और एक्सप्रेसवे पर हाई-स्पीड ट्रैफिक के सुचारू प्रवाह को बनाए रखने के लिए एक बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया गया है। इस एक्सप्रेसवे पर दोपहिया वाहन (मोटर साइकिल, स्कूटर), तिपहिया वाहन (ऑटो रिक्शा, ई-रिक्शा) और कृषि से जुड़े वाहनों (ट्रैक्टर, ट्रॉली) के प्रवेश को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है। इन वाहनों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं के जोखिम को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
रणनीतिक एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स
एक्सप्रेसवे पर अनियंत्रित ट्रैफिक को रोकने के लिए केवल चुनिंदा स्थानों पर ही एंट्री और एग्जिट रैंप (Ramps) दिए गए हैं। लखनऊ की तरफ से अमौसी हवाई अड्डे के पास और कानपुर की तरफ से जाजमऊ के पास मुख्य टोल प्लाजा होंगे। इसके अलावा, बीच के रास्ते में उन्नाव और अजगैन जैसे प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों के पास इंटरचेंज दिए गए हैं, जहां एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS) के जरिए वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित किया जाएगा। इस व्यवस्था से दोनों शहरों के बीच का सफर न केवल बेहद कम समय में बल्कि अत्यधिक सुरक्षित तरीके से पूरा हो सकेगा।



