मंकीपॉक्स (Mpox) के वैश्विक खतरे से भारत अलर्ट: स्वास्थ्य मंत्रालय की नई गाइडलाइंस जारी, अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों और बंदरगाहों पर सघन स्क्रीनिंग के निर्देश

अभिषेक सिंह/ नई दिल्ली: अफ्रीकी देशों, यूरोप और हाल ही में एशिया के कुछ हिस्सों में मंकीपॉक्स (जिसे अब Mpox के नाम से जाना जाता है) के मामलों में आई अचानक तेजी ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) सहित भारत सरकार की चिंताएं बढ़ा दी हैं। वैश्विक स्थिति को गंभीरता से लेते हुए, केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने आज देश भर के सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और हवाई अड्डा प्राधिकरणों के लिए नई और सख्त स्वास्थ्य गाइडलाइंस (Guidelines) जारी कर दी हैं। देश में इस बीमारी के प्रवेश को रोकने के लिए सरकार ने प्रो-एक्टिव कदम उठाते हुए सीमाओं पर चौकसी बढ़ा दी है।
अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की सघन स्क्रीनिंग
स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी एडवाइजरी के अनुसार, देश के सभी प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों, बंदरगाहों (Seaports) और जमीनी सीमा चौकियों (Land Borders) पर एक बार फिर से ‘हेल्थ डेस्क’ को सक्रिय करने का आदेश दिया गया है।
* जिन देशों में Mpox का संक्रमण तेजी से फैल रहा है, वहां से आने वाले यात्रियों की विशेष रूप से थर्मल और क्लिनिकल स्क्रीनिंग (Clinical Screening) की जाएगी।
* यदि किसी यात्री में बुखार, शरीर पर चकत्ते (Rashes), लिम्फ नोड्स में सूजन या गंभीर सिरदर्द जैसे लक्षण पाए जाते हैं, तो उसे तुरंत अन्य यात्रियों से अलग (Isolate) कर दिया जाएगा।
राज्यों को आइसोलेशन वार्ड बनाने के निर्देश
मंत्रालय ने सभी राज्य सरकारों को निर्देश दिया है कि वे अपने प्रमुख सरकारी अस्पतालों (विशेषकर मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों) में Mpox के संदिग्ध मरीजों के लिए विशेष ‘आइसोलेशन वार्ड’ (Isolation Wards) तुरंत तैयार करें। राज्य स्वास्थ्य विभागों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनके पास पर्याप्त मात्रा में पीपीई किट (PPE Kits) और आवश्यक दवाइयां उपलब्ध हों।
टेस्टिंग और सर्विलांस का मजबूत ढांचा
संदिग्ध मरीजों के सैंपल (त्वचा के घाव के स्वैब) जांच के लिए पुणे स्थित ‘नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी’ (NIV Pune) और आईसीएमआर (ICMR) की अन्य चिन्हित क्षेत्रीय लैब्स में भेजे जाएंगे। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि भारत में Mpox का पता लगाने के लिए टेस्टिंग क्षमता पूरी तरह से मजबूत है। इसके अतिरिक्त, राज्य स्तर पर ‘इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम’ (IDSP) को हाई अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी स्थानीय आउटब्रेक को तुरंत ट्रैक किया जा सके।
जनता से अपील: घबराएं नहीं, सतर्क रहें
स्वास्थ्य मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि भारत में अभी तक Mpox को लेकर स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और आम जनता को पैनिक (Panic) करने की कोई आवश्यकता नहीं है। हालांकि, सतर्कता बरतना बेहद जरूरी है। Mpox कोरोना की तरह हवा से नहीं फैलता, बल्कि यह संक्रमित व्यक्ति या जानवर के बहुत करीबी शारीरिक संपर्क से ही फैलता है। सरकार विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के साथ लगातार संपर्क में है और वैश्विक स्थिति की दैनिक आधार पर समीक्षा कर रही है।



