राम मंदिर दान विवाद: ऑडिट की मांग वाली याचिकाओं पर कल सुप्रीम कोर्ट में हो सकती है ऐतिहासिक सुनवाई

विवेक ओझा/ नई दिल्ली: अयोध्या स्थित राम मंदिर के दानपात्रों और ट्रस्ट के खातों में कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर जारी भारी राजनीतिक और सामाजिक विवाद अब देश की सबसे बड़ी अदालत की चौखट पर पहुंच चुका है। जानकारी के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट कल (6 जुलाई) श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के वित्त प्रबंधन और दान राशि की स्वतंत्र ऑडिट से जुड़ी कई महत्वपूर्ण याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई कर सकता है।
हाल ही में मंदिर परिसर के दान संग्रह में नकदी गायब होने, सीसीटीवी फुटेज में संदिग्ध गतिविधियां दिखने और राजनीतिक दलों द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों ने एक बड़ा राष्ट्रीय मुद्दा खड़ा कर दिया है। विभिन्न सामाजिक संगठनों, कार्यकर्ताओं और एक विपक्षी सांसद द्वारा दाखिल की गई इन याचिकाओं में मुख्य रूप से यह मांग की गई है कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस मंदिर के वित्तीय लेनदेन में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।
याचिकाकर्ताओं की प्रमुख मांगें:
* मंदिर ट्रस्ट के सभी बैंक खातों, दान रसीदों और खर्चों का सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में किसी स्वतंत्र एजेंसी या कैग (CAG) द्वारा ऑडिट कराया जाए।
* सुरक्षा और दान प्रबंधन में हुई कथित चूक की न्यायिक जांच हो।
* भविष्य के लिए एक फुल-प्रूफ डिजिटल और पारदर्शी दान व्यवस्था का निर्माण किया जाए।
यह सुनवाई इसलिए भी बेहद अहम है क्योंकि यह केवल एक प्रशासनिक मुद्दा नहीं है, बल्कि देश के बहुसंख्यक वर्ग की गहरी धार्मिक भावनाओं से जुड़ा है। राजनीतिक गलियारों से लेकर आम जनता तक, सभी की नजरें कल सुप्रीम कोर्ट के रुख पर टिकी होंगी। यदि शीर्ष अदालत ऑडिट का आदेश देती है, तो यह मंदिर प्रबंधन और इससे जुड़े राजनीतिक विमर्श में एक बहुत बड़ा भूचाल ला सकता है।



