सरकार का दावा- देश में पेट्रोल-डीजल, एलपीजी, नैचुरल गैस और कच्चे तेल का पर्याप्त स्टॉक

नई दिल्ली : पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच केंद्र सरकार ने शुक्रवार को कहा कि देश में पेट्रोल, डीजल, घरेलू रसोई गैस (एलपीजी), नेचुरल गैस और कच्चे तेल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। सरकार ने कहा कि सभी रिफाइनरियां भी अपनी पूरी क्षमता से काम कर रही हैं। वहीं, एलपीजी का उत्पादन रिकॉर्ड स्तर पर है, जो लगभग 92 टीएमटी (हजार मीट्रिक टन) प्रतिदिन है।
पेट्रोलियम एवं नेचुरल गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने नई दिल्ली में अंतर-मंत्रालयी प्रेसवार्ता में बताया कि एलपीजी का उत्पादन रिकॉर्ड स्तर पर है, जो लगभग 92 टीएमटी (हजार मीट्रिक टन) प्रतिदिन है। किसी भी घरेलू रसोई गैस (एलपीजी) डिस्ट्रीब्यूटरशिप ने स्टॉक के खत्म होने की शिकायत नहीं की है। कुछ जिलों में खेती की मांग और बदलते बाजार के रुझानों के कारण पेट्रोल और डीजल की बिक्री में असामान्य रूप से बढ़ोतरी देखी गई है, लेकिन सप्लाई स्थिर बनी हुई है। शर्मा बताया कि राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों और उद्योग संघों को जमाखोरी और कालाबाज़ारी रोकने की सलाह दी गई है और उपभोक्ताओं से आग्रह किया गया है कि वे ईंधन केवल अधिकृत माध्यमों से ही खरीदें।
उन्होंने कहा कि सरकार ने दोहराया है कि ईंधन की उपलब्धता पर्याप्त है और अनावश्यक रूप से स्टॉक जमा करने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि मार्च से अब तक 8.3 लाख से ज्यादा पीएनजी के कनेक्शन चालू किए गए हैं और 8.5 लाख नए उपभोक्ता पंजीकृत हुए हैं। पिछले चार दिनों में ही 1.78 करोड़ एलपीजी रिफिल बुकिंग मिलीं और करीब 1.8 करोड़ सिलेंडर डिलीवर किए गए हैं, जिनमें से 96 फीसदी डिलीवरी डिजिटल रूप से प्रमाणित थीं। शर्मा ने कहा कि प्रवर्तन एजेंसियों और तेल विपणन कंपनियों ने भी निरीक्षण तेज कर दिए हैं। कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई मजबूत बनी हुई है और औद्योगिक तथा कमर्शियल उपभोक्ताओं के लिए नैचुरल गैस की सप्लाई 99 फीसदी तक बहाल कर दी गई है।
प्रेसवार्ता के दौरान पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के निदेशक ओपेश कुमार शर्मा ने बताया कि जहाजों की आवाजाही के क्रम में ‘निसोस केरोस’ नामक एक मालवाहक जहाज 25-26 मई की रात को होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित रूप से गुजर गया और 3 जून को विशाखापत्तनम पहुंचने वाला है। यह मालवाहक जहाज अपने साथ लगभग 2,70,000 मीट्रिक टन क्रूड ऑयल लेकर जा रहा है। इस जहाज का पूरा चालक दल विदेशी है और यह मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाला जहाज है। इस क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं, और भारतीय नाविकों से जुड़ी किसी भी घटना की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है, चाहे वे भारतीय झंडे वाले मालवाहक जहाजों पर हों या विदेशी झंडे वाले जहाजों पर।
इसके अलावा विदेश मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव (खाड़ी), असीम आर. महाजन ने कहा कि विदेश मंत्रालय खाड़ी और पश्चिम एशिया क्षेत्र में हो रहे घटनाक्रमों पर लगातार बारीकी से नज़र रख रहा है। इस क्षेत्र में स्थित हमारे दूतावास और वाणिज्य दूतावास, भारतीय नागरिकों को समय पर सहायता उपलब्ध कराने के लिए चौबीसों घंटे हेल्पलाइन संचालित कर रहे हैं। वे हमारे नागरिकों की सक्रियता से सहायता कर रहे हैं और साथ ही स्थानीय सरकारों के भी लगातार संपर्क में हैं। भारतीय और यूएई की विमानन कंपनियां, यूएई से भारत के विभिन्न गंतव्यों के लिए उड़ानें संचालित कर रही हैं। सऊदी अरब और ओमान के विभिन्न हवाई अड्डों से भी भारत के अलग-अलग गंतव्यों के लिए उड़ानें संचालित हो रही हैं। कतर का हवाई क्षेत्र आंशिक रूप से खुला हुआ है।



