लखनऊ में प्रचंड गर्मी का कहर! सीजन का सबसे गर्म दिन दर्ज… 31 साल का रिकॉर्ड टूटने की आशंका

Lucknow Heat : राजधानी लखनऊ में भीषण गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। मंगलवार सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों को बेहाल कर दिया। मौसम विभाग के अनुसार आज अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गर्म हवाएं (लू) चलने का अनुमान है।
43.2 डिग्री तक पहुंचा तापमान, सीजन का सबसे गर्म दिन
सोमवार को लखनऊ में अधिकतम तापमान 43.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से लगभग 3 डिग्री अधिक रहा। न्यूनतम तापमान 28.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 3.3 डिग्री अधिक है। आर्द्रता का स्तर भी अधिकतम 59 फीसदी और न्यूनतम 24 फीसदी रहा, जिससे उमस भरी गर्मी ने लोगों को और परेशान किया।
31 साल का रिकॉर्ड टूटने की संभावना
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले 3 से 4 दिनों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जा सकता है। यदि ऐसा हुआ तो 31 मई 1995 को दर्ज 46.5 डिग्री सेल्सियस का ऑल टाइम मई हाई रिकॉर्ड भी टूट सकता है। इस संभावना ने मौसम विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है।
प्रदेश में ऑरेंज अलर्ट जारी
उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में भीषण गर्मी और लू को देखते हुए मौसम विभाग ने ऑरेंज वार्निंग जारी की है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बने चक्रवाती परिसंचरण और ऊपरी हवा के दबाव के कारण मौसम में यह बदलाव देखा जा रहा है।
30–40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी गर्म हवाएं
पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से सतही पछुवा हवाएं चल रही हैं, जो झोंकों में 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। इन गर्म हवाओं के कारण दिन के समय तापमान में और बढ़ोतरी होने की संभावना है।
मौसम विभाग की चेतावनी और सलाह
मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और धूप से बचाव करने की सलाह दी है। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार व्यक्तियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा गया है।
आने वाले दिन और चुनौतीपूर्ण
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अगले कुछ दिन प्रदेश के लिए बेहद कठिन हो सकते हैं। लगातार बढ़ता तापमान और लू का असर जनजीवन पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है, जिससे बिजली की मांग और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी बढ़ने की आशंका है।



