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बरेली में दरिंदगी की सारी हदें पार

एकतरफा प्रेम में पागल युवक ने सोते हुए परिवार पर फेंका तेजाब, चार लोग गंभीर रूप से झुलसे

आधुनिक समाज में जहां हम तकनीकी और वैचारिक प्रगति के दावे करते हैं, वहीं कुछ ऐसी अमानवीय घटनाएं सामने आ जाती हैं जो संपूर्ण मानवता को शर्मसार कर देती हैं। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के शेरगढ़ क्षेत्र में एक ऐसी ही रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना घटी है। एकतरफा प्रेम और विवाह प्रस्ताव ठुकराए जाने से क्षुब्ध एक सिरफिरे युवक ने प्रतिशोध की आग में अंधा होकर एक विवाहित महिला और उसके परिवार पर सोते समय छत से तेजाब (Acid) फेंक दिया। इस क्रूर और कायरतापूर्ण हमले में महिला सहित परिवार के चार सदस्य बुरी तरह झुलस गए हैं। यह घटना समाज में व्याप्त बीमार मानसिकता और महिलाओं के प्रति हिंसा की उस भयावह वास्तविकता को उजागर करती है जिससे आज भी लड़ना बाकी है।

घटना का विवरण और कायरतापूर्ण कृत्य:
स्थानीय पुलिस और पीड़ितों के बयानों के अनुसार, यह घटना देर रात उस समय घटी जब भीषण गर्मी के कारण परिवार अपने घर की छत पर गहरी नींद में सो रहा था। आरोपी युवक, जो कथित तौर पर विवाहित महिला पर लंबे समय से बुरी नजर रख रहा था और उस पर अनुचित संबंध या विवाह का दबाव बना रहा था, छत के रास्ते घर में घुसा। महिला और उसके परिजनों द्वारा बार-बार उसके प्रस्ताव को ठुकराए जाने और चेतावनी दिए जाने के बावजूद, उसने अपना मानसिक संतुलन खो दिया। उसने सोते हुए निहत्थे लोगों पर एक अत्यधिक संक्षारक (Corrosive) तेजाब उड़ेल दिया। तेजाब गिरते ही चीख-पुकार मच गई। अंधेरे और अफरातफरी का लाभ उठाकर आरोपी मौके से फरार हो गया।

पीड़ितों की स्थिति और चिकित्सा सहायता:
तेजाब के संपर्क में आते ही महिला और उसके आस-पास सो रहे परिवार के तीन अन्य सदस्य (जिनमें संभवतः बच्चे या बुजुर्ग भी शामिल हैं) गंभीर रूप से झुलस गए। तेजाब ने उनकी त्वचा और ऊतकों को गहरा नुकसान पहुंचाया है। पड़ोसियों की मदद से पीड़ितों को तत्काल स्थानीय जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया, जहां से गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें एक उच्च-स्तरीय बर्न यूनिट (Burn Unit) वाले अस्पताल में रेफर कर दिया गया है। डॉक्टरों के अनुसार, पीड़ितों की स्थिति अत्यंत गंभीर है और तेजाब के कारण हुए घाव उन्हें आजीवन शारीरिक और मानसिक पीड़ा दे सकते हैं।

कानूनी प्रावधान और पुलिस की कार्यवाही:
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के शीर्ष अधिकारी मौके पर पहुंचे और फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 326A (स्वेच्छया तेजाब फेंककर घोर उपहति कारित करना) और हत्या के प्रयास जैसी संगीन धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरोपी की धरपकड़ के लिए पुलिस की कई टीमें गठित की गई हैं। तेजाब हमला एक जघन्य अपराध है, जिसमें 10 वर्ष से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा का कड़ा प्रावधान है।

तेजाब बिक्री पर प्रतिबंधों की विफलता:
यह घटना एक बार फिर इस गंभीर प्रश्न को उठाती है कि सर्वोच्च न्यायालय के स्पष्ट दिशा-निर्देशों और कड़ी पाबंदियों के बावजूद, अपराधियों को इतनी आसानी से तेजाब कैसे उपलब्ध हो जाता है? खुले बाजार में तेजाब की बिक्री पर रोक को जमीनी स्तर पर कड़ाई से लागू करने में प्रशासन की विफलता ही ऐसी घटनाओं को जन्म देती है।

बरेली का यह तेजाब हमला केवल एक अपराध नहीं, बल्कि एक महिला के सम्मान और जीवन जीने के अधिकार पर एक सीधा आतंकी प्रहार है। ऐसे सिरफिरे अपराधियों का समाज में खुला घूमना सभी के लिए खतरा है। पुलिस को यह सुनिश्चित करना होगा कि आरोपी जल्द से जल्द सलाखों के पीछे हो और अदालत के माध्यम से उसे ऐसी कठोर सजा मिले जो समाज के लिए एक नजीर बन सके। इसके साथ ही, स्थानीय प्रशासन को तेजाब की अवैध बिक्री पर पूर्णतः अंकुश लगाने के लिए सघन अभियान चलाना चाहिए।

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