उत्तर प्रदेश में प्रकृति का भीषण कहर
आंधी-तूफान और अतिवृष्टि से प्रयागराज, फतेहपुर और भदोही में भारी तबाही, 31 से अधिक लोगों की मौत

लखनऊ/प्रयागराज (स्टेट एवं आपदा प्रबंधन डेस्क): उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बीती रात प्रकृति ने ऐसा भयानक कहर बरपाया जिसने भारी तबाही और शोक का मंजर पीछे छोड़ दिया है। प्रयागराज, फतेहपुर, भदोही और इसके आस-पास के जनपदों में अचानक आए भीषण आंधी-तूफान, आकाशीय बिजली और अतिवृष्टि (भारी बारिश) के कारण 31 से अधिक लोगों की दुखद मृत्यु हो गई है, जबकि दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल हैं। अचानक हुए इस मौसम परिवर्तन ने आम जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है।
तबाही का खौफनाक मंजर
तूफान की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कई कच्चे मकानों की छतें उड़ गईं और सैकड़ों पुराने पेड़ जड़ से उखड़ गए। सबसे अधिक जनहानि दीवारें ढहने, पेड़ों के नीचे दबने और आकाशीय बिजली गिरने के कारण हुई है। प्रयागराज के ग्रामीण इलाकों और भदोही में तूफान ने फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। बिजली के खंभे गिरने से कई गांवों और कस्बों में विद्युत आपूर्ति पूरी तरह से ठप हो गई है, जिससे राहत और बचाव कार्यों में भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी
इस प्राकृतिक आपदा पर राज्य सरकार ने तत्काल संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री ने इस जनहानि पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए स्थानीय प्रशासन को राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर चलाने के सख्त निर्देश दिए हैं। राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) और स्थानीय पुलिस की टीमें मलबे में दबे लोगों को निकालने और घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाने में जुटी हुई हैं।
मुआवजे का ऐलान और मौसम विभाग की चेतावनी
राज्य सरकार ने मृतकों के आश्रितों को आपदा राहत कोष से चार-चार लाख रुपये की तत्काल आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है, साथ ही घायलों के समुचित और निःशुल्क इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है। इस बीच, मौसम विज्ञान केंद्र ने अगले 24 से 48 घंटों के लिए पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश के कई जनपदों में ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और जर्जर इमारतों व बड़े पेड़ों के नीचे शरण लेने से बचें।



