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भारत और भूटान के बीच केरल के मुन्नार में हुई बैठक 

भारत की पड़ोसी प्रथम की नीति में भूटान बहुत अहमियत रखता है और भूटान के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए अलग अलग क्षेत्रों में सहयोग के लिए लगातार समझौते किए जाते रहे हैं। इसी कड़ी में भारत और भूटान के बीच सीमा शुल्क पर संयुक्त समूह की सातवीं बैठक 20-21 अप्रैल 2026 को केरल के मुन्नार में आयोजित की गई। भारत सरकार के केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) के विशेष सचिव और सदस्य (सीमा शुल्क) श्री योगेंद्र गर्ग और भूटान सरकार के वित्त मंत्रालय के राजस्व एवं सीमा शुल्क विभाग के महानिदेशक श्री सोनम जामत्शो ने बैठक की सह-अध्यक्षता की।

बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने कई प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर विस्तार से चर्चा की जिनमें समन्वित सीमा प्रबंधन (सीबीएम), सीमा शुल्क संबंधी आंकड़ों के आगमन-पूर्व आदान-प्रदान पर समझौता ज्ञापन (एमओयू), खुफिया जानकारी साझा करने और प्रवर्तन सहयोग के माध्यम से तस्करी-रोधी तंत्र को मजबूत करना, सीमा शुल्क प्रक्रियाओं का डिजिटलीकरण और इलेक्ट्रॉनिक कार्गो ट्रैकिंग सिस्टम (ईसीटीएस) के अंतर्गत पारगमन कार्गो आवागमन को सुगम बनाना शामिल हैं। बैठक में सीमा पर अवसंरचना में सुधार, व्यापार संबंधी सुविधाओं को बढ़ाने और सीमा शुल्क प्रक्रियाओं के सामंजस्य और सरलीकरण जैसे मुद्दों पर भी चर्चा और उनकी समीक्षा की गई।

भूटान के प्रतिनिधिमंडल ने कोच्चि बंदरगाह का भी दौरा किया। प्रतिनिधिमंडल को आयात और निर्यात प्रक्रियाओं का संक्षिप्त विवरण दिया गया जिसमें जहाजों की बर्थिंग और गैन्ट्री क्रेन का उपयोग करके कंटेनर हैंडलिंग संबंधी संचालन शामिल थे।

भूटान के प्रतिनिधियों को समुद्री प्रवर्तन के विभिन्न पहलुओं जैसे, समुद्री गश्त, संदिग्ध जहाजों की पहचान, तलाशी अभियान, गश्त के दौरान उपयोग की जाने वाली संचार प्रणालियों जैसे सैटेलाइट फोन और स्वचालित पहचान प्रणाली (एआईएस), संदिग्ध माल की पहचान के तरीके और उसकी जांच की प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी दी गई।

आपको बता दें कि भारत और भूटान के बीच घनिष्ठ और दीर्घकालिक व्यापारिक संबंध हैं। भारत, भूटान का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है और भूटान के कुल व्यापार का लगभग 80 प्रतिशत भारत के साथ होता है। वित्त वर्ष 2024-25 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 1.9 अरब डॉलर से अधिक रहा जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 46 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्शाता है। भूटान की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए भूमि सीमा शुल्क केंद्रों के माध्यम से व्यापार का विशेष महत्व है। वर्तमान में भारत-भूटान सीमा पर पश्चिम बंगाल (6) और असम (4) राज्यों में 10 अधिसूचित भूमि सीमा शुल्क केंद्र स्थित हैं।

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