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तेलंगाना सरकार ने कैंसर को घोषित किया अधिसूचित रोग : जानिए क्या होता है नोटिफाइड डिजीज

 ( विवेक ओझा): तेलंगाना सरकार ने गैर-संक्रामक रोगों के बढ़ते बोझ की निगरानी के लिए एक सशक्त प्रणाली स्थापित करने हेतु राज्य भर में कैंसर को आधिकारिक रूप से अधिसूचित रोग घोषित कर दिया है। स्वास्थ्य, चिकित्सा और परिवार कल्याण विभाग ने सरकारी और निजी अस्पतालों, निदान प्रयोगशालाओं और क्लीनिकों सहित सभी स्वास्थ्य सुविधाओं को अब एक महीने के भीतर निदान किए गए कैंसर के मामलों की रिपोर्ट करना कानूनी रूप से अनिवार्य है। एकत्रित की गई सभी रोगी जानकारी पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी। उल्लेखनीय है कि महामारी रोग अधिनियम, 1897′ (Epidemic Diseases Act) के तहत ही एक ‘अधिसूचित बीमारी’ (Notifiable Disease) घोषित किया जाता है।

आपको बता दें कि कुछ समय पहले ही दिल्ली सरकार ने सार्वजनिक स्वास्थ्य की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए ह्यूमन रेबीज (इंसानों में रेबीज) को ‘नोटिफायबल डिजीज’ (Notifiable Disease) घोषित कर दिया है।

वहीं सांप के काटने से सार्वजनिक स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं तेजी से बढ़ रही है। इसको लेकर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय (एमओएचएफडब्ल्यू) ने भी भारत में सांप के काटने के मामलों और इससे होने वाली मौतों को नोटिफाइड डिजिज घोषित कर दिया है। ऐसे में आइए जानते हैं क्या होता है नोटिफाइड डिजीज:

नोटिफिएबल डिजीज वह बीमारी होती है, जिसका कोई भी संदिग्ध या पुष्ट मामला सामने आते ही उसकी जानकारी सरकारी स्वास्थ्य विभाग को देना कानूनी रूप से अनिवार्य होता है। इसे घोषित करने के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:

  1. निगरानी और ट्रैकिंग: इससे सरकार को पता चलता है कि बीमारी कहाँ और कितनी तेजी से फैल रही है, जिससे हॉटस्पॉट की पहचान आसान हो जाती है।
  2. त्वरित कार्रवाई: हर केस की रिपोर्ट मिलने से स्वास्थ्य विभाग समय रहते मरीज का इलाज और प्रभावित इलाके में टीकाकरण जैसे कदम उठा सकता है।
  3. सटीक डेटा: निजी और सरकारी अस्पतालों के आंकड़ों को एक साथ जोड़कर बीमारी की गंभीरता का सही आकलन किया जा सकता है।
  4. महामारी से बचाव: समय पर जानकारी मिलने से किसी भी बीमारी को स्थानीय स्तर पर ही रोककर उसे महामारी बनने से बचाया जा सकता है।

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