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शुभमन गिल की मेहनत पर ‘फिनिशर्स’ फेर रहे पानी, आंकड़ों ने खोली गुजरात टाइटंस की पोल!

क्रिकेट में फिनिशर की भूमिका हमेशा से ही काफी अहम रही है। खासकर टी20 क्रिकेट में, हर किसी की नजरें फिनिशरों पर रहती हैं। हालांकि, टी20 क्रिकेट पिछले कुछ समय से काफी बदल गया है। अब फिनिशर के समान ओपनर्स भी तेजी से रन बटोरते हैं।

यही वजह है कि हमें लगातार 200-220 के स्कोर देखने को मिलते हैं। इसका मतलब यह नहीं कि फिनिशर की भूमिका खत्म हो गई है। टीमों को अभी भी अच्छी शुरुआत के बाद पारी को हाई नोट पर खत्म करने के लिए फिनिशर की जरूरत पड़ती है। लेकिन हाल ही में आए आंकड़े शुभमन गिल की अगुवाई वाली गुजरात टाइटंस की पोल-पट्टी खोलकर रख देते हैं।

डीसी के खिलाफ, गुजरात टाइटंस ने पहले बैटिंग करते हुए निर्धारित 20 ओवर में 209 रन बनाए। जब तक शुभमन गिल क्रीज पर थे, तब तक जीटी का रन रेट 10 के पार चल रहा था। 17.3 ओवर में गुजरात का स्कोर 183 रन था और रन रेट 10.57 था। उस समय यह लग रहा था कि बची 15 गेंदों में गुजरात 35-40 रन और बना ही लेगी। दिल्ली के छोटे मैदान पर ऐसा करना कोई मुश्किल काम नहीं था।

साभार : सोशल मीडिया

लेकिन गिल के आउट होते ही गुजरात की गाड़ी मानो ब्रेक लग गई हो। अगली 15 गेंदों में 35-40 रन बनाने की बजाय टीम सिर्फ 17 रन ही बना पाई, और रन रेट 7.39 रहा। इसके बाद जीटी ने दिल्ली के सामने 210 रनों का टारगेट रखा, जिसे टीम बड़ी मुश्किल से सिर्फ 1 रन से डिफेंड कर पाई।

इस जीत को गनीमत ही मानिए, क्योंकि अगर आखिरी ओवर की पांचवीं गेंद पर मिलर ने एक रन लेने से मना नहीं किया होता, तो मैच सुपर ओवर तक भी जा सकता था और जीटी को हार का सामना करना पड़ सकता था। यह सिर्फ दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ नहीं हुआ।

इससे पहले खेले गए पिछले दो मुकाबलों में भी गुजरात का यही हाल रहा और दोनों ही मैचों में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। डीसी ने दूसरी पारी में आखिरी पांच ओवरों में 67 रन बनाए, जबकि जीटी के स्कोर में सिर्फ 49 रन थे।

राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ पिछले मैच में, आखिरी पांच ओवरों में आरआर ने 50 रन बनाए जबकि जीटी ने सिर्फ 43 रन ही जोड़े। इसके पहले मैच में गुजरात का स्कोर उसी चरण में 34 था, जबकि पंजाब किंग्स ने पांच कम गेंदों में 44 रन बना लिए थे।

पहले तीन मैचों में गुजरात टाइटंस के फिनिशर्स ने निराश किया है। दिल्ली के खिलाफ मिली करीबी जीत उनके लिए एक वेकअप कॉल है। अगर आगामी मैचों में गुजरात अपनी पारी को अच्छे से फिनिश नहीं कर पाती, तो उनके लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं।

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