सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद NCERT ने पाठ्यपुस्तक समिति का किया पुनर्गठन

( विवेक ओझा): सुप्रीम कोर्ट द्वारा NCERT की कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तक में “न्यायपालिका में भ्रष्टाचार” से संबंधित एक चैप्टर पर स्वतः संज्ञान लेने और बाद में उक्त पाठ्यपुस्तक की भौतिक या ऑनलाइन प्रतियों के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने के बाद अब सुप्रीम कोर्ट ने NCERT को एक बार फिर फटकार लगाई है जिसके बाद NCERT ने टेक्स्टबुक कमेटी ( Textbook Committee) का पुनर्गठन किया है। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने नई पाठ्यपुस्तकों के निर्माण की देखरेख करने वाली राष्ट्रीय पाठ्यक्रम और शिक्षण शिक्षण सामग्री समिति (NSTC) का पुनर्गठन किया है। यह कार्रवाई अब बंद हो चुकी कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तक में “न्यायपालिका में भ्रष्टाचार” वाले हिस्से पर सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद की गई है।
फरवरी में, सुप्रीम कोर्ट ने इस पाठ्यपुस्तक के उस खंड पर स्वतः संज्ञान लिया था जिसमें न्यायपालिका में भ्रष्टाचार पर चर्चा की गई थी। इसके बाद, अदालत ने उक्त पाठ्यपुस्तक की प्रतियों (फिजिकल और ऑनलाइन दोनों) के उपयोग पर “पूर्ण व्यापक प्रतिबंध” लगा दिया था। एक अधिसूचना के अनुसार, NCERT ने बताया कि उसने 22 सदस्यीय उच्चाधिकार प्राप्त समिति का पुनर्गठन किया है। इस नई समिति में अब निम्नलिखित प्रमुख व्यक्तित्व शामिल हैं:
वी. कामाकोटी: निदेशक, IIT मद्रास
- रघुवेंद्र तंवर: अध्यक्ष, भारतीय ऐतिहासिक अनुसंधान परिषद (ICHR)
- आर. वेंकट राव: पूर्व कुलपति, नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी (NLSIU)
- अमरेंद्र प्रसाद बेहरा: प्रभारी संयुक्त निदेशक, केंद्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान (CIET), NCERT पुनर्गठन के बाद अब इस समिति में कुल 20 सदस्य शामिल हैं।



