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उत्तर प्रदेश सरकार ने कालाबाजारी पर दिए सख्त कार्रवाई के आदेश

 ( राघवेंद्र प्रताप सिंह): किसी भी आकस्मिक स्थिति में योगी आदित्यनाथ सरकार जनता के हितों और अधिकारों के लिए खड़ी रहती है। चाहे बीमारी से जुड़ी महामारी हो या फिर वैश्विक युद्धों का प्रभाव प्रदेश सरकार जनता के हितों को सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रभावी कार्यवाही करती पाई गई है। हाल ही में उत्तर प्रदेश सरकार ने कहा है कि राज्य में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और किसी भी प्रकार की कमी नहीं है। सरकार ने आम जनता से आग्रह किया है कि वे घबराएं नहीं और अनावश्यक रूप से ईंधन की जमाखोरी न करें। सरकार ने कालाबाजारी के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई भी की है। 12 मार्च, 2026 से अब तक राज्य भर में कुल 23,250 छापे और निरीक्षण किए गए हैं, जिसके परिणामस्वरूप 238 एफआईआर दर्ज की गई हैं। इनमें से 27 मामले एलपीजी वितरकों के खिलाफ और दो सौ 11 अन्य आरोपियों के खिलाफ दर्ज किए गए हैं।

इसके अलावा, 22 लोगों को मौके पर ही गिरफ्तार किया गया है और 249 व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है। राज्य भर में कुल 12,888 पेट्रोल पंप कार्यरत हैं, जिनके माध्यम से प्रतिदिन हजारों किलोलीटर ईंधन बेचा जा रहा है। वर्तमान में, राज्य में 92 हजार किलोलीटर पेट्रोल और एक लाख 22 हजार किलोलीटर डीजल का पर्याप्त भंडार है।

सरकार एलपीजी की आपूर्ति सुनिश्चित करने में पूरी तरह सक्रिय है। राज्य में 4,107 गैस एजेंसियों के माध्यम से उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है और पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। इसके साथ ही, केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुरूप, घरेलू उपभोक्ताओं को एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध कराने के लिए सिटी गैस वितरण नेटवर्क के विस्तार में तेजी लाई गई है।

अब तक राज्य में 15 लाख 94 हजार एलपीजी कनेक्शन जारी किए जा चुके हैं। औद्योगिक और वाणिज्यिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए, सरकार ने वाणिज्यिक एलपीजी की 70 प्रतिशत तक आपूर्ति की अनुमति दी है। होटलों, ढाबों, रेस्तरां, डेयरी, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों और इस्पात, ऑटोमोबाइल तथा कपड़ा जैसे श्रम-प्रधान उद्योगों को प्राथमिकता दी जा रही है। स्थिति की निरंतर निगरानी के लिए, खाद्य आयुक्त कार्यालय के साथ-साथ सभी जिलों में 24 घंटे चलने वाले नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, अधिकारियों को नियमित रूप से जमीनी निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

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