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ईरान के न्यूक्लियर पावर प्लांट्स पर हमलों को WHO चीफ ने बताया खतरनाक

नाभिकीय ऊर्जा केंद्र किसी देश की सुरक्षा और विकास का आधार होते हैं लेकिन यदि ये असुरक्षित स्थिति में हो जाएं तो विनाशक प्रभाव पैदा कर सकते हैं। न्यूक्लियर रेडिएशन से बड़ी आबादी प्रभावित हो सकती है। यही कारण है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के के महानिदेशक टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयेसस ने बुशहर न्यूक्लियर पावर प्लांट के पास एयर स्ट्राइक के बाद ईरान में न्यूक्लियर केंद्रों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। टेड्रोस ने एक्स प्लेटफॉर्म पर कहा, “ये हमला हमें कुछ याद दिलाता है और सचेत रहने की सलाह देता है: एक हमला न्यूक्लियर हादसे को ट्रिगर कर सकता है, जिससे स्वास्थ्य पर पड़ा असर पीढ़ियों को तबाह कर सकता है। इस बढ़ते संघर्ष के हर गुजरते दिन के साथ, खतरा बढ़ता जा रहा है।” आपको बता दें कि बुशहर प्लांट ईरान का एकमात्र चालू न्यूक्लियर पावर प्लांट है। यह बुशहर शहर में है, जहां 250,000 लोग रहते हैं, और यह ईरान के सबसे जरूरी औद्योगिक और सैन्य केंद्रीय बिंदुओं में से एक है। शनिवार (4 अप्रैल) को इस पर हमले की खबर आई थी।

WHO चीफ की यह टिप्पणी इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (आईएईए) की उस रिपोर्ट के बाद आई है जिसमें बताया गया था कि एक प्रोजेक्टाइल पावर प्लांट के पास गिरा और साइट के एक कर्मचारी गिरते मलबे के नीचे आया और उसकी मौत हो गई। इसके साथ ही आईएईए के महानिदेशक रफेल ग्रॉसी ने भी इस पर गहरी चिंता प्रकट की। उन्होंने कहा कि ऐसे संयंत्रों के आस-पास हमला नहीं किया जाना चाहिए। परमाणु हादसे के खतरे से बचने के लिए मिलिट्री कंट्रोल की बात दोहराते हुए, ग्रॉसी ने संघर्ष के दौरान न्यूक्लियर सेफ्टी और सिक्योरिटी पक्का करने के लिए 7 स्तंभों को ध्यान में रखने की सलाह दी। ये सात स्तंभ (भौतिक अखंडता, उपकरण कार्यक्षमता, कर्मचारियों की स्थिति, बिजली आपूर्ति, लॉजिस्टिक्स, विकिरण निगरानी, संचार) कर्मचारियों की सुरक्षा से लेकर रेडियोएक्टिव रिसाव जैसी चुनौतियों को टालने या बचने पर केंद्रित हैं।

ग्लोबल न्यूक्लियर वाचडॉग कहे जाने वाले IAEA ( UN की विशेष एजेंसी) ने हाल ही में एक्स पोस्ट के जरिए बताया कि ईरान ने सुबह बुशहर एनपीपी के पास गिरे प्रोजेक्टाइल की सूचना दी। हाल के हफ्तों में इस केंद्र के आसपास हुई ऐसी चौथी घटना है। यह भी बताया गया कि साइट के एक फिजिकल प्रोटेक्शन स्टाफ की मौत प्रोजेक्टाइल टुकड़ों की जद में आने से हुई और साइट पर एक बिल्डिंग पर शॉकवेव और टुकड़ों का असर हुआ। हालांकि रेडिएशन लेवल में किसी तरह की बढ़ोतरी नहीं हुई।

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