ईशान किशन और संजू सैमसन ने बदली भारत की किस्मत, सूर्यकुमार ने बताया चयन का सच
भारतीय टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव ने खुलासा किया कि टी20 विश्व कप 2026 में ‘पावर हिटर’ ईशान किशन को टीम में शामिल करने का निर्णय पूरी तरह उनके मन की आवाज पर आधारित था। उन्होंने कहा कि बिहार के इस बल्लेबाज में वह “एक्स फैक्टर” है, जो खेल के निर्णायक क्षणों में असर दिखा सकता है।
रविवार को एक समाचार एजेंसी के पॉडकास्ट इंटरव्यू में उनसे सवाल किया गया कि क्या वह आंकड़ों पर भरोसा करते हैं या अपनी अंतर्दृष्टि पर, और क्यों उन्होंने जितेश शर्मा की जगह ईशान को चुना।
सूर्यकुमार ने बताया, “यह निर्णय पूरी तरह मन की आवाज पर लिया गया था। जितेश के लिए यह कठिन समय था क्योंकि वह लंबे समय से टीम का हिस्सा थे। अगर वह नहीं खेल रहे होते, कहानी अलग होती।”

विश्व कप 2026 में भारत को खिताब दिलाने वाले सूर्यकुमार ने अपने करियर, टीम के भविष्य, मुख्य कोच गौतम गंभीर और टीम के साथ संबंधों पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि उनकी बल्लेबाजी शैली सहजता और प्रतिक्रिया का मिश्रण है।
सूर्यकुमार ने स्वीकार किया कि जितेश के बाहर होने पर उन्हें भी दुख हुआ, लेकिन टीम को ऐसे सलामी बल्लेबाज की जरूरत थी जो शीर्ष क्रम पर आक्रामक खेल सके।
उन्होंने बताया कि ईशान को टीम में लाने के लिए उन्होंने फोन पर कहा, “छोटू, विश्व कप जिताएगा।” ईशान ने जवाब दिया, “भरोसा करोगे?” और सूर्यकुमार ने हाँ कहकर निर्णय पक्का किया। उनका मानना था कि ईशान पर कोई दबाव नहीं था और वह खराब दौर से गुजरने के बावजूद छोटे मैचों और अभ्यास खेलों में लगातार खेलते रहे।
इस मेहनत का नतीजा भी शानदार रहा—नौ मैचों में 317 रन और स्ट्राइक रेट 190 से अधिक। इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में 18 गेंदों में 39 रन और न्यूजीलैंड के खिलाफ फाइनल में अर्धशतक ईशान की प्रतिबद्धता का प्रमाण हैं।
टीम की खिताबी जीत में एक और महत्वपूर्ण रणनीतिक निर्णय था संजू सैमसन को पारी की शुरुआत का मौका देना। केरल के इस बल्लेबाज ने सेमीफाइनल और फाइनल में 89 रन बनाकर खुद को प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट साबित किया।
सूर्यकुमार ने कहा, “संजू के टीम में आने के बाद सब बदल गया। शीर्ष क्रम के तीन खब्बू बल्लेबाजों के बीच यह रणनीतिक निर्णय था, जिससे विरोधी टीम को ऑफ स्पिनर उतारना आसान हो गया। वह लगातार मेहनत कर रहा था और जिस तरह खेला, वह इसका हकदार था।”
सूर्यकुमार ने संजू के व्यक्तित्व और खेल को भी सराहा, कहते हुए, “अच्छे लोगों के साथ अच्छा ही होता है। उसने जिस तरह खेलना शुरू किया, सब कुछ सही दिशा में गया। वह प्रतिभाशाली और अच्छे इंसान हैं।”
अपने खेल के अंदाज पर उन्होंने कहा, “यह प्रतिक्रिया पर आधारित खेल है। बल्लेबाजी में 70-75 प्रतिशत प्रतिक्रिया होती है और बाकी सहज प्रवृत्ति। मैच के दिन आपको तय करना होता है कि आपसे क्या अपेक्षा है और उसी अनुसार बल्लेबाजी करनी होती है।”



