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भारत में फॉर्मूला वन की वापसी: खेल मंत्री मांडविया की पहल और एफएमएससीआई के साथ रणनीतिक बैठक

खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने हाल ही में भारत में फॉर्मूला वन की वापसी को लेकर एक महत्वपूर्ण कदम उठाया। उन्होंने भारतीय मोटरस्पोर्ट्स महासंघ (एफएमएससीआई) के अधिकारियों के साथ बैठक की, जिसमें ड्राइवरों, इंजीनियरों और तकनीशियनों की मजबूत टीम तैयार करने पर विस्तार से चर्चा हुई।

यह बैठक राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित की गई थी और इसमें खेल सचिव हरि रंजन राव, संयुक्त सचिव (खेल) कुणाल, और एफएमएससीआई के परिषद सदस्य विक्की चंडोक समेत कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मांडविया ने हाल ही में ग्रेटर नोएडा स्थित बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट का दौरा भी किया, जहां 2011 से 2013 तक फॉर्मूला वन रेस आयोजित की गई थी।

कर संबंधी कारणों से उस समय यह रेस बंद करनी पड़ी थी। चंडोक ने एक न्यूज़ एजेंसी से बातचीत में बताया, “हमने भारत में फॉर्मूला वन और मोटोजीपी के आयोजन की संभावना पर चर्चा की। मंत्रालय इस पर बेहद उत्साहित है और उनका संदेश स्पष्ट है: भारत तेजी से प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है, इसलिए यहां विश्वस्तरीय खेल भी होने चाहिए।”

साभार : गूगल

एफएमएससीआई के दृष्टिकोण और संगठनात्मक क्षमता को समझने के लिए मांडविया ने मंत्रालय और टीम के समर्थन का भरोसा जताया।

खेल मंत्रालय के एक सूत्र ने कहा, “एफएमएससीआई प्रतिनिधिमंडल के साथ चर्चा में खिलाड़ियों, इंजीनियरों और तकनीकी पेशेवरों के लिए व्यवस्थित ढांचे की रूपरेखा पर ध्यान केंद्रित किया गया।”

कुछ सप्ताह पहले मांडविया ने यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ मोटरस्पोर्ट्स के बुनियादी ढांचे और भविष्य की योजनाओं पर भी चर्चा की थी।

विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, एफएमएससीआई ने मांडविया और फॉर्मूला वन प्रबंधन के बीच भी बैठक की पेशकश की है। फॉर्मूला वन का नेतृत्व वर्तमान में फेरारी टीम के पूर्व प्रमुख स्टेफानो डोमेनिकाली कर रहे हैं।

भारत खुद को एक वैश्विक खेल केंद्र के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य रख रहा है। देश ने 2030 में राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी हासिल कर ली है, जो अहमदाबाद में आयोजित होंगे। इसके साथ ही भारत 2036 में होने वाले ओलंपिक खेलों की मेजबानी के लिए भी दौड़ में है।

इतिहास में भारत के पहले फॉर्मूला वन ड्राइवर नरेन कार्तिकेयन थे, जिनके बाद करुण चंडोक ने यह उपलब्धि हासिल की।

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