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सुनील गावस्कर ने समझाया सुपर 8 प्री-सीडिंग का पीछे का कारण

आईसीसी को सोशल मीडिया पर सुपर 8 टीमों को प्री-सीडिंग देने के फैसले को लेकर जमकर आलोचना झेलनी पड़ रही है। दरअसल, टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर 8 चरण के लिए आठ टीमों को पहले से वरीयता दी गई थी और उनके मुकाबले भी पूर्व-निर्धारित कर दिए गए थे।

इसकी वजह से ग्रुप फेज की चार टेबल टॉपर्स टीमें एक ही ग्रुप में हैं। इसको लेकर अब पूर्व भारतीय क्रिकेटर और टूर्नामेंट में कमेंट्री कर रहे सुनील गावस्कर ने भी बयान दिया है।

सुपर 8 के ग्रुप 1 को ग्रुप ऑफ डेथ कहा जा रहा है, क्योंकि हर ग्रुप की टॉप टीम इस ग्रुप का हिस्सा है, जबकि दूसरे ग्रुप में दूसरे-दूसरे नंबर वाली टीमें शामिल हैं। उस ग्रुप में से भी दो टीमें सेमीफाइनल में जाएंगी और ग्रुप 1 से भी दो ही टीमें सेमीफाइनल में जाएंगी। ऐसे में आईसीसी आलोचना हो रही है कि ग्रुप फेज में सबसे ज्यादा मैच जीतने वाली टीम को टूर्नामेंट से सुपर 8 से ही बाहर होना पड़ेगा।

एक अंग्रेजी चैनल से बात करते हुए सुनील गावस्कर ने कहा, “यह बात अभी क्यों उठाई जा रही है? टूर्नामेंट शुरू होने से पहले यह बात क्यों नहीं उठाई गई? ये वो सवाल हैं जो उन लोगों से पूछे जाने चाहिए जो अब ये बातें उठा रहे हैं।

साभार : गूगल

मुझे जो वजह समझ आ रही है, शायद आईसीसी इसे बेहतर तरीके से समझा सके, वह यह है कि टूर्नामेंट दो देशों में खेला जा रहा है।” सुनील गावस्कर ने आईसीसी के फैसले की कद्र की और कहा कि दो देशों में खेले जा रहे टूर्नामेंट और पाकिस्तान के वहीं खेलने की वजह से ऐसा हुआ है।

उन्होंने आगे कहा, “इंटरनेशनल ट्रैवल, इमिग्रेशन, और कस्टम्स, इन सभी चीजों का ध्यान रखना होता है। एयरलाइन और होटल बुकिंग का सवाल भी है; हर टीम एक जैसे लोगों के साथ ट्रैवल नहीं करती।

कुछ टीमें 15 लोगों की सपोर्ट स्टाफ टीम के साथ ट्रैवल करती हैं, इसलिए शायद उन्हें 35-40 कमरों की जरूरत होती है। कुछ टीमें कुल मिलाकर 20-22 लोगों के साथ ट्रैवल कर सकती हैं, इसलिए उन्हें कम कमरों की जरूरत हो सकती है। इन सभी चीजों का ध्यान रखना होता है और शायद यही वजह है कि प्री-सीडिंग हुई।”

आलोचकों का कहना है कि जिस टीम को सेमीफाइनल में जाने का अधिकार मिलना था, वह इस प्री-सीडिंग की वजह से नहीं मिला है।

उदाहरण के तौर पर अगर चार ग्रुप की दो-दो टेबल टॉपर्स दो अलग-अलग सुपर 8 के ग्रुप में होतीं तो उनके भी आगे जाने के चांस होते, लेकिन अब चारों एक ग्रुप में हैं तो उनमें से कोई दो टीमें ही आगे जा सकेंगी।

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