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दबाव में भी शांत: शिवम दुबे का मानसिक मजबूती वाला खेल

टी20 विश्व कप 2026 में भारतीय ऑलराउंडर शिवम दुबे ने अपनी शांति और सटीक खेल शैली से एक बार फिर सबका ध्यान खींचा है। हालांकि उनकी शानदार कसरत अक्सर चर्चा में कम रहती है, लेकिन मौजूदा टूर्नामेंट में दुबे ने खुद को एक प्रमुख पावर-हिटर और भरोसेमंद बल्लेबाज के रूप में साबित किया है।

नामीबिया और पाकिस्तान के खिलाफ मुश्किल परिस्थितियों में छोटी लेकिन महत्वपूर्ण पारियां खेलने के बाद, दुबे ने बुधवार को नीदरलैंड के खिलाफ बीच के ओवरों में टीम को आवश्यक गति प्रदान की।

शुरुआती कुछ गेंदों में परिस्थितियों का आकलन करने के बाद, उन्होंने अपनी पहली 11 गेंदों में छह रन बनाए और फिर गति पकड़ते हुए 31 गेंदों पर 66 रन बनाकर भारत की जीत में निर्णायक भूमिका निभाई। उनकी इस पारी में छह छक्के भी थे।

दुबे को पहले स्पिनरों के खिलाफ सटीक बल्लेबाजी के लिए जाना जाता था, लेकिन अब उन्होंने तेज गेंदबाजों के खिलाफ भी अपनी क्षमता साबित कर दी है। नीदरलैंड के खिलाफ, उन्होंने लोगन वैन बीन की गेंदों की गति में बदलाव को भांपकर तीन छक्के लगाकर अपनी समझदारी और तकनीक दिखाई।

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शॉर्ट बॉल के खिलाफ उनके खेल में सुधार भी स्पष्ट हुआ है, जिसका श्रेय वह आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स में शामिल होने के बाद की गई कड़ी मेहनत को देते हैं। दुबे का आत्मविश्वास और मानसिक मजबूती उनकी बातों में भी झलकती है।

उन्होंने मैच के बाद कहा कि टी20 में डॉट बॉल से दबाव बढ़ता है, लेकिन एक समझदार बल्लेबाज के रूप में उन्हें पता है कि सही समय पर बड़े शॉट उनकी मेहनत को परिणाम देंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर 10 गेंदों में दो रन बनते हैं, और अगली पांच गेंदों में दो छक्के लगते हैं, तो खेल का हिसाब बराबर हो जाता है।’’ उन्होंने यह भी कहा कि साझेदारी निभाना महत्वपूर्ण है, इसलिए कभी-कभी दो-चार डॉट गेंदों से डरने की जरूरत नहीं।

दुबे अपनी सफलता का श्रेय दबाव वाली परिस्थितियों में खेलने के अनुभव को भी देते हैं। उन्होंने बताया कि ऐसे मौके उन्हें अपने स्वाभाविक खेल को समझदारी के साथ खेलने का अवसर देते हैं और गेंदबाज की रणनीति को भांपने में मदद करते हैं।

उनका आत्मविश्वास इस बात में भी दिखा कि उन्होंने अपने पहले टी20 विश्व कप अर्धशतक को समझदारी और ताकत के सही मिश्रण से पूरा किया।

उन्होंने कहा, ‘‘आज मुझे लगा कि मेरा दिन है। मैंने अपनी ताकत पर भरोसा किया और वही खेला, और हां, यही वजह है कि मुझे पावर हिटर के रूप में जाना जाता है।’’ दुबे की बल्लेबाजी ही नहीं, बल्कि गेंदबाजी में भी सुधार दिख रहा है। इसका प्रमाण यह है कि जब नीदरलैंड को अंतिम ओवर में 28 रन की जरूरत थी, भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने उन्हें गेंदबाजी सौंपने का भरोसा किया।

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