दुनिया भर के पूर्व क्रिकेट कप्तानों ने इमरान खान को जेल में उचित इलाज मुहैया कराने को कहा

नई दिल्ली : दुनिया भर के पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कप्तानों के एक समूह ने पाकिस्तान सरकार से अपील की है कि पूर्व प्रधानमंत्री और विश्व कप विजेता कप्तान इमरान खान को जेल में तत्काल, पर्याप्त और निरंतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए तथा उनके साथ गरिमा और मानवीय व्यवहार किया जाए।
क्रिकेट कप्तानों के एक समूह ने 17 फरवरी को जारी संयुक्त बयान में इमरान खान की बिगड़ती सेहत, विशेषकर उनकी आंखों की रोशनी में गिरावट को लेकर चिंता जताई। इस अपील पर हस्ताक्षर करने वाले पूर्व कप्तानों में माइकल एथरटन, एलन बॉर्डर, माइकल ब्रियरली, ग्रेग चैपल, इयान चैपल, बेलिंडा क्लार्क, सुनील गावस्कर, डेविड गॉवर, किम ह्यूजेस, नासिर हुसैन, क्लाइव लॉयड, कपिल देव, स्टीफन वॉ और जॉन राइट शामिल हैं।
बयान में कहा गया कि इमरान खान ने 1992 विश्व कप में पाकिस्तान को ऐतिहासिक जीत दिलाई थी और वह विश्व क्रिकेट के महानतम ऑलराउंडरों और कप्तानों में से एक रहे हैं। राजनीतिक मतभेदों से अलग हटकर, उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के रूप में भी कार्य किया और लोकतांत्रिक रूप से चुने गए नेता रहे हैं, इसलिए उनके साथ अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप व्यवहार होना चाहिए। पूर्व कप्तानों ने अपने बयान में कहा कि खेल भावना, सम्मान और मानवता के सिद्धांतों को बनाए रखना सभी के लिए आवश्यक है, और इसी भावना से यह अपील की गई है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर मेडिकल जांच
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 73 वर्षीय इमरान खान का हाल ही में मेडिकल परीक्षण कराया गया। रिपोर्ट्स के अनुसार उन्होंने अपनी दाहिनी आंख की लगभग 85 प्रतिशत रोशनी खोने की शिकायत की है। डॉक्टरों की टीम को रावलपिंडी की अदियाला जेल भेजा गया। उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने मेडिकल जांच पर सवाल उठाते हुए परिवार और निजी चिकित्सकों की मौजूदगी की मांग की है।
वसीम अकरम ने भी जताई चिंता
पूर्व तेज गेंदबाज वसीम अकरम ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से इमरान खान के बेहतर इलाज की अपील की। उन्होंने उम्मीद जताई कि उनके पूर्व कप्तान को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
इमरान खान 2018 से 2022 तक पाकिस्तान के प्रधानमंत्री रहे और अगस्त 2023 से जेल में बंद हैं। उनके खिलाफ 100 से अधिक मामले दर्ज हैं, जिन्हें वह राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते रहे हैं।



