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कोलंबो की करारी शिकस्त, सीनियर खिलाड़ियों पर उठे सवाल

चिर प्रतिद्वंद्वी भारत से 61 रन की करारी हार के बाद पाकिस्तान की टी20 टीम केवल एक मैच नहीं हारी, बल्कि वह आत्ममंथन के सबसे कठिन दौर में प्रवेश करती दिखाई दे रही है।

कोलंबो में खेले गए इस मुकाबले ने टीम संयोजन, रणनीति और वरिष्ठ खिलाड़ियों की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पूर्व कप्तान बाबर आजम, शादाब खान और तेज गेंदबाज शाहीन शाह अफरीदी उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके।

दूसरी ओर युवा भारतीय सलामी बल्लेबाज ईशान किशन ने 77 रन बनाकर पाकिस्तानी गेंदबाजी आक्रमण की कमजोरियों को उजागर कर दिया। जवाब में पाकिस्तान के बल्लेबाज भारतीय तेज और स्पिन आक्रमण के सामने असहज दिखे। इस हार के बाद आलोचनाओं का स्वर तेज हो गया है।

पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि अगर फैसला उनके हाथ में होता तो बाबर, शादाब और शाहीन को दोबारा टी20 टीम में नहीं चुनते। उनके अनुसार इन खिलाड़ियों को कई अवसर मिले, लेकिन वे बड़े मौकों पर प्रभाव नहीं छोड़ पाए।

साभार : गूगल

अफरीदी ने यह भी संकेत दिया कि अब टी20 प्रारूप में नए और युवा खिलाड़ियों को तैयार करने का समय आ गया है। मैच के आंकड़े भी इस आलोचना को बल देते हैं। शाहीन ने दो ओवर में 31 रन खर्च किए, जबकि बाबर को अक्षर पटेल ने मात्र पांच रन पर आउट कर दिया।

बड़े मैचों में प्रदर्शन की अपेक्षा रखने वाले पूर्व कप्तान जावेद मियांदाद ने भी स्वीकार किया कि दबाव की स्थिति में टीम चुनौती पेश करने में विफल रही। उनका कहना था कि बड़े मुकाबलों में ही खिलाड़ियों का जज्बा परखा जाता है।

बाबर के समर्थक रहे मोहम्मद यूसुफ ने भी इस हार के बाद निराशा जताई और कहा कि शाहीन, बाबर और शादाब का टी20 करियर अब अवसान पर है तथा टीम को कमजोर विपक्ष के खिलाफ खोखली जीत के बजाय नई ऊर्जा की जरूरत है।

पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने भी तीखी टिप्पणी करते हुए बाबर के सुपरस्टार दर्जे पर सवाल उठाए। उनका मानना है कि पिछले डेढ़-दो दशकों में सुधार नहीं हुआ और पाकिस्तान अब भारत को कड़ी टक्कर देने की स्थिति में नहीं है।

बाबर के मुखर आलोचक अहमद शहजाद ने भी बाबर की विफलता को उनके लिए अंतिम अवसर जैसा बताया। इस हार से पाकिस्तान का क्रिकेट समुदाय गहरी निराशा में है। सोशल मीडिया पर कुछ प्रशंसकों ने व्यंग्य में यह तक कह दिया कि यदि बांग्लादेश के समर्थन में बहिष्कार की अपील का पालन किया गया होता तो शायद यह स्थिति देखने को नहीं मिलती।

पूर्व कप्तान मोइन खान ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वर्तमान समय में भारत किसी भी प्रारूप में पाकिस्तान से बेहतर टीम है। उनके अनुसार पेशेवर दृष्टिकोण से यह आशंका हमेशा रहती है कि भारतीय खिलाड़ी निर्णायक क्षणों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे।

रणनीतिक फैसलों पर भी प्रश्न उठे हैं। मियांदाद ने केवल एक प्रमुख तेज गेंदबाज के साथ उतरने और छह स्पिनरों को खिलाने की रणनीति पर हैरानी जताई। उन्होंने पूछा कि फहीम अशरफ से गेंदबाजी क्यों नहीं करवाई गई।

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