गौतम गंभीर को लेकर अटकलों पर बीसीसीआई सचिव की दो टूक, बोले– हर कोई क्रिकेट एक्सपर्ट
भारतीय मुख्य कोच गौतम गंभीर के कार्यकाल में टीम के टेस्ट और वनडे में प्रदर्शन में गिरावट देखने को मिली है। उनके कार्यकाल में ही टेस्ट क्रिकेट में पहले न्यूजीलैंड ने होम सीरीज में भारत का सुपड़ा साफ किया और बाद में दक्षिण अफ्रीका ने।
दोनों सीरीज में भारत अपनी ही सरजमीं पर एक भी टेस्ट जीतना तो दूर, ड्रॉ तक नहीं करा पाया। इसी तरह न्यूजीलैंड की कम अनुभवी टीम ने वनडे सीरीज में भारत को उसी के घर में पटखनी दी। हालांकि गौतम गंभीर के कार्यकाल में टीम टी20 इंटरनेशनल में सफलता के झंडे गाड़ रही है।
ऐसे में अक्सर ऐसी अटकलें लगती हैं कि गौतम गंभीर की रेड बॉल क्रिकेट से छुट्टी हो सकती है यानी टेस्ट फॉर्मेट के लिए अलग कोच होगा और गंभीर सीमित ओवरों के क्रिकेट में कोचिंग देते रह सकते हैं। इन अटकलों पर बीसीसीआई के सचिव देवजीत सैकिया ने चुटकी ली है।
एक इंटरव्यू में सैकिया ने कहा कि लोग अपनी व्यक्तिगत राय के लिए स्वतंत्र हैं लेकिन इन मुद्दों पर फैसला लेने के लिए बीसीसीआई के पास योग्य आदमी हैं। उन्होंने कहा, ‘भारत 140 करोड़ लोगों का देश है और हर कोई एक क्रिकेट एक्सपर्ट है। हर किसी के पास अपनी एक राय होगी। यह एक लोकतांत्रिक देश है और हम किसी पर रोक नहीं लगा सकते।

राय बनाने वाले सभी लोग अपनी राय देने के लिए स्वतंत्र हैं जिनमें मीडिया भी है। अटकलों के आधार पर बहुत सारी खबरें हैं और कई पूर्व क्रिकेटर, क्रिकेटर या अन्य लोग भी अपनी राय दे रहे हैं। सोशल मीडिया पर तो इसकी भरमार है।’ बीसीसीआई सचिव ने आगे कहा, ‘लेकिन बात ये है कि बीसीसीआई में हमारे पास एक क्रिकेट कमिटी है जिसमें पूर्व क्रिकेटर हैं। वे समर्पित हैं और सभी फैसले लेते हैं।
दूसरी तरफ टीम चयन के लिए हमारे पास 5 चयनकर्ता हैं। वे भी इस पर फैसला लेने में सक्षम हैं। वे लोग ऐसी बातों पर विचार करते हैं। हर फैसले को लेकर उससे उलट राय भी होती है। इसलिए उन राय पर हमें विचार करना होता है। लेकिन अंतिम फैसला हमेशा क्रिकेट कमिटी और साथ में चयनकर्ता लेते हैं।’
इससे पहले पूर्व क्रिकेटर मनोज तिवारी ने मांग की थी कि अगर भारतीय टीम टी20 वर्ल्ड कप 2026 नहीं जीत पाती है तो बीसीसीआई को चाहिए कि वह गौतम गंभीर को हेड कोच पद से बर्खास्त कर दे। तिवारी गौतम गंभीर के कट्टर आलोचक हैं और लगातार उन पर सवाल उठाते रहे हैं।



