Trending

ब्रिक्स नेटवर्क विश्वविद्यालय सम्मेलन की मेजबानी कर भारत ने उच्च शिक्षा सहयोग को दी नई दिशा

नई दिल्ली ( राघवेंद्र प्रताप सिंह) : भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता 2026 के तहत केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने ब्रिक्स नेटवर्क विश्वविद्यालय (ब्रिक्स एनयू) के अंतर्राष्ट्रीय शासी बोर्ड (आईजीबी) की बैठक और सम्मेलन की सफल मेजबानी की। दो दिवसीय इस कार्यक्रम में सदस्य देशों ने उच्च शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार में सहयोग को मजबूत करने पर सहमति जताई। सम्मेलन की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि पारंपरिक और स्वदेशी ज्ञान प्रणालियों को ब्रिक्स नेटवर्क विश्वविद्यालय के नए विषयगत क्षेत्र के रूप में शामिल करने के प्रस्ताव को व्यापक समर्थन मिलना रही।

उच्च शिक्षा सहयोग को मजबूत करने पर जोर

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के संयुक्त सचिव डॉ. के.एम. प्रफुल्लचंद्र शर्मा ने अंतर्राष्ट्रीय शासी बोर्ड की बैठक का उद्घाटन किया। आईआईटी बॉम्बे के डीन (अंतर्राष्ट्रीय संबंध) प्रो. सुदर्शन कुमार ने ब्रिक्स नेटवर्क विश्वविद्यालय की गतिविधियों और सहयोगी पहलों का विवरण प्रस्तुत किया। सदस्य देशों ने अपने सहभागी विश्वविद्यालयों और पिछले वर्ष के दौरान हुई शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी साझा की।

पारंपरिक और स्वदेशी ज्ञान पर पहली बार सम्मेलन

बैठक से पहले आयोजित सम्मेलन में पारंपरिक और स्वदेशी ज्ञान प्रणालियों के संरक्षण, प्रलेखन, डिजिटल प्रसार और जिम्मेदार उपयोग पर व्यापक चर्चा हुई। इसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों के नैतिक उपयोग, सामुदायिक स्वामित्व और समान लाभ-साझाकरण पर भी विशेष जोर दिया गया।

नए विषयगत समूह के गठन को मिला समर्थन

अंतर्राष्ट्रीय शासी बोर्ड ने ब्रिक्स नेटवर्क विश्वविद्यालय के अंतर्गत पारंपरिक और स्वदेशी ज्ञान प्रणालियों को नए अंतर्राष्ट्रीय विषयगत समूह (आईटीजी) के रूप में शामिल करने के प्रस्ताव पर विचार किया। सदस्य देशों ने इस पहल का व्यापक समर्थन किया और अवधारणा पत्र पर आगे भी परामर्श जारी रखने पर सहमति व्यक्त की।

कार्ययोजना और घोषणापत्र को मिली मंजूरी

बैठक में ब्रिक्स नेटवर्क विश्वविद्यालय की 2025-2028 कार्य योजना की समीक्षा की गई। नई वेबसाइट के विकास, संस्थागत सहयोग, शैक्षणिक आदान-प्रदान और सहयोगात्मक अनुसंधान को बढ़ावा देने के उपायों पर भी चर्चा हुई। विस्तृत विचार-विमर्श के बाद अंतर्राष्ट्रीय शासी बोर्ड ने घोषणापत्र को औपचारिक रूप से अपनाया।

भारत ने दोहराई सहयोग की प्रतिबद्धता

बैठक के समापन पर सदस्य देशों ने उच्च शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और जन-समन्वय के लिए ब्रिक्स नेटवर्क विश्वविद्यालय को मजबूत बनाने की अपनी साझा प्रतिबद्धता दोहराई। भारत ने सभी प्रतिनिधिमंडलों का आभार व्यक्त करते हुए ब्रिक्स अध्यक्षता के विषय “लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण” के अनुरूप अकादमिक सहयोग को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।

Related Articles

Back to top button