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शिक्षा मंत्रालय का स्पष्टीकरण: प्रतियोगी परीक्षाओं में किसी भी प्रकार की धांधली या अनियमितता (Irregularity) पर सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ (Zero Tolerance) नीति सख्ती से लागू

पल्लवी श्रीवास्तव/ नई दिल्ली: नीट-यूजी (NEET-UG) और यूजीसी-नेट (UGC-NET) जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं में हुई हालिया विसंगतियों को लेकर संसद से लेकर सड़क तक मचे हंगामे के बीच, केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने अपना आधिकारिक रुख साफ कर दिया है। मंत्रालय ने गुरुवार को एक विस्तृत प्रेस विज्ञप्ति जारी कर स्पष्ट किया कि देश की किसी भी परीक्षा प्रणाली में कोई भी धांधली या अनियमितता अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार ने इसके खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ (Zero Tolerance) की नीति अपना ली है, जिसके तहत प्रशासनिक और तकनीकी स्तर पर बड़े बदलाव किए जा रहे हैं।

एनटीए (NTA) का पूर्ण पुनर्गठन

शिक्षा मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के कामकाज की समीक्षा के लिए गठित की गई उच्च-स्तरीय ‘राधाकृष्णन समिति’ की सिफारिशों को लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। एनटीए के पूरे बुनियादी ढांचे को फिर से तैयार (Overhaul) किया जा रहा है। इसमें पेपर सेट करने से लेकर, उसके वितरण, परीक्षा केंद्रों के चयन और ओएमआर (OMR) शीट की स्कैनिंग तक, हर प्रक्रिया को ‘ब्लॉकचेन’ (Blockchain) और ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ (AI) जैसी अत्याधुनिक तकनीकों से सुरक्षित किया जा रहा है।

परीक्षा केंद्रों पर कड़े नियम

मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि भविष्य में किसी भी परीक्षा के लिए निजी (Private) स्कूलों और कॉलेजों को परीक्षा केंद्र बनाने में अत्यधिक सख्ती बरती जाएगी। जिन केंद्रों का ट्रैक रिकॉर्ड संदिग्ध रहा है, उन्हें हमेशा के लिए ब्लैकलिस्ट (Blacklist) कर दिया गया है। अब से केवल उन सरकारी संस्थानों और प्रतिष्ठित केंद्रों पर ही परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी जहां बायोमेट्रिक अटेंडेंस, लगातार सीसीटीवी सर्विलांस और जैमर (Jammers) की पुख्ता व्यवस्था होगी।

छात्रों को दिया गया भरोसा

विपक्षी दलों द्वारा शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग के बीच, मंत्रालय ने कहा है कि सरकार भागने के बजाय व्यवस्था को सुधारने पर काम कर रही है। मंत्रालय ने देश भर के छात्रों और उनके अभिभावकों को आश्वस्त किया है कि सरकार उनकी चिंताओं को समझती है। ‘सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम 2024’ के लागू होने और नई तकनीकी सुरक्षा परतों के जुड़ने के बाद, आने वाली परीक्षाओं (जैसे आगामी जेईई, सीयूईटी आदि) में पारदर्शिता का स्तर अभूतपूर्व होगा। मंत्रालय का यह स्पष्टीकरण छात्रों के खोए हुए विश्वास को फिर से बहाल करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

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