त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक (DGP) अनुराग धनखड़ ने अपने कार्यालय में की आत्महत्या, पुलिस महकमे में मचा हड़कंप

पल्लवी श्रीवास्तव/ अगरतला: पूर्वोत्तर राज्य त्रिपुरा से एक बेहद चौंकाने वाली और दुखद खबर सामने आई है। राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) और 1994 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अनुराग धनखड़ ने मंगलवार को अगरतला स्थित अपने आधिकारिक कार्यालय परिसर में अपनी सर्विस रिवॉल्वर से खुद को गोली मार ली। घटना के तुरंत बाद उन्हें गंभीर हालत में अगरतला सरकारी मेडिकल कॉलेज (AGMC) ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस अप्रत्याशित घटना से न केवल त्रिपुरा पुलिस महकमे में बल्कि देश भर के प्रशासनिक हलकों में गहरा शोक और हड़कंप मच गया है।
कार्यालय में चली गोली, अधिकारी सन्न
पुलिस सूत्रों के अनुसार, घटना सुबह करीब 11:15 बजे की है। रोज की तरह डीजीपी अनुराग धनखड़ अपने कार्यालय पहुंचे थे और कुछ नियमित फाइलों का निपटारा कर रहे थे। अचानक उनके निजी केबिन से गोली चलने की आवाज आई। सुरक्षाकर्मी और कर्मचारी जब कमरे के भीतर पहुंचे, तो डीजीपी अपनी कुर्सी पर लहुलुहान हालत में पड़े थे। मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद हुआ है या नहीं, इस पर पुलिस ने फिलहाल आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
शोक में डूबा पुलिस महकमा, जांच शुरू
1994 बैच के आईपीएस अधिकारी अनुराग धनखड़ को एक बेहद ईमानदार, सख्त और कुशल अधिकारी के रूप में जाना जाता था। उन्होंने अपने करियर में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) में भी महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी थीं। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री ने अस्पताल पहुंचकर दिवंगत अधिकारी को श्रद्धांजलि दी और उनके परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने घटना की उच्च-स्तरीय सीआईडी (CID) जांच के आदेश दे दिए हैं।
मानसिक तनाव और प्रशासनिक दबाव पर बहस
इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर सुरक्षा बलों और शीर्ष नौकरशाही में बढ़ते मानसिक तनाव (Mental Stress) और काम के दबाव के मुद्दे को गरमा दिया है। भारतीय पुलिस सेवा (IPS) एसोसिएशन ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए एक बयान जारी किया है और अधिकारियों के मानसिक स्वास्थ्य व कल्याण पर ध्यान देने की जरूरत पर बल दिया है। फारेंसिक टीम ने मौका-ए-वारदात को सील कर दिया है और सभी पहलुओं से मामले की पड़ताल की जा रही है।



