राष्ट्रमंडल खेल : उलटी गिनती जारी, लेकिन ग्लास्गो में नहीं दिखी हलचल
ग्लास्गो हवाई अड्डे पर उतरते ही बेल्ट पर अपने सामान का इंतजार कर रहे अपनी टीम के ट्रैकसूट पहने खिलाड़ी और उनकी अगवानी के लिए खड़े वालंटियर यह एहसास करा देते हैं कि यहां राष्ट्रमंडल खेल होने वाले हैं। हालांकि, हवाई अड्डे से बाहर निकलते ही नजारा बिल्कुल अलग दिखाई देता है।
शहर के बाहरी माहौल से यह महसूस ही नहीं होता कि महज दो दिन बाद दुनिया के सबसे बड़े बहु-खेल आयोजनों में से एक का आगाज होने वाला है। शहर के कुछ स्थानों पर खेलों के आधिकारिक शुभंकर ‘फिन्नी द यूनिकॉर्न’ और स्कॉटलैंड के प्रमुख खिलाड़ियों के पोस्टर जरूर लगे हैं।
वहीं, क्वीन स्ट्रीट स्टेशन और सेंट्रल स्टेशन पर लगी उलटी गिनती की घड़ी तथा खेलों की ब्रांडिंग से सजे टिकट बैरियर यह संकेत देते हैं कि प्रतियोगिता नजदीक है। इसके अलावा पूरे ग्लास्गो में राष्ट्रमंडल खेलों को लेकर खास उत्साह नजर नहीं आता।

लागत बढ़ने के कारण ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया प्रांत द्वारा मेजबानी से पीछे हटने के बाद ग्लास्गो को आयोजन की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। यहां इस बार सिर्फ 10 खेलों की स्पर्धाएं चार स्टेडियमों तक सीमित रहेंगी। 1994 के बाद यह राष्ट्रमंडल खेलों का सबसे छोटा संस्करण होगा, जिसमें सबसे कम स्पर्धाएं आयोजित की जाएंगी।
ग्लास्गो यूनिवर्सिटी के छात्र नाथन मैकेंजी ने कहा, “मुझे पता है कि राष्ट्रमंडल खेल हो रहे हैं, क्योंकि आयोजक यूनिवर्सिटी में वालंटियर तलाशने आए थे। उन्होंने आगे कहा, “इसके अलावा मुझे ज्यादा जानकारी नहीं थी। अब शहर के अलग-अलग हिस्सों में पोस्टर नजर आने लगे हैं।
क्लाइड नदी के किनारे सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। सुरक्षाकर्मी लगातार गश्त कर रहे हैं और कई स्थानों पर अवरोधक लगाए गए हैं। आयोजकों को उम्मीद है कि इस सप्ताह खेल शुरू होने के बाद क्लाइड नदी के किनारे पसरी शांति की जगह दर्शकों से भरे स्टैंड का शोर सुनाई देगा।
टैक्सी चालक विंसेंट डोबिंस ने कहा, “अभी तक तो कोई खास माहौल नजर नहीं आ रहा, लेकिन खिलाड़ियों के आने के बाद माहौल जरूर बदलेगा। उनका बेटा मट्टी डोबिंस स्कॉटलैंड का पूर्व रोड रेस चैंपियन है और इस बार राष्ट्रमंडल खेलों में पदार्पण करने जा रहा है।
फिलहाल सभी देशों के खिलाड़ी ग्लास्गो नहीं पहुंचे हैं। श्रीलंका की टीम में सबसे ज्यादा निगाहें स्टार भालाफेंक खिलाड़ी रूमेश थरंगा पर रहेंगी, जिन्होंने पिछले महीने रोम डायमंड लीग में 92.62 मीटर का शानदार थ्रो फेंका था।
यहां उनका मुकाबला भारत के दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा और मौजूदा ओलंपिक चैंपियन पाकिस्तान के अरशद नदीम से होगा। श्रीलंका टीम के मैनेजर मोहम्मद रिफात ने कहा, “वह शानदार फॉर्म में है। हमें उम्मीद है कि वह यहां स्वर्ण पदक जीतेगा।”



