वाराणसी का कायाकल्प: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स का स्थलीय निरीक्षण, समय-सीमा में काम पूरा करने के निर्देश

राघवेंद्र प्रताप सिंह/वाराणसी: अपने दो दिवसीय वाराणसी दौरे के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने धर्मनगरी काशी के विकास कार्यों की जमीनी हकीकत जानने के लिए देर रात तक विभिन्न विकास परियोजनाओं का सघन स्थलीय निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने ‘वाराणसी स्मार्ट सिटी मिशन’ (Varanasi Smart City) के तहत चल रहे प्रमुख निर्माण कार्यों, सड़कों के चौड़ीकरण, और पर्यटन सुविधाओं के विस्तार का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं और प्रशासनिक अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए सभी परियोजनाओं को गुणवत्ता के साथ तय समय-सीमा के भीतर पूरा करने के सख्त निर्देश दिए।
विकास कार्यों का ऑन-द-स्पॉट मूल्यांकन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दशाश्वमेध घाट, गोदौलिया, और काशी विश्वनाथ धाम के आसपास के क्षेत्रों का पैदल भ्रमण कर सौंदर्यीकरण और बुनियादी ढांचे के कार्यों को देखा। उन्होंने स्मार्ट सिटी के तहत स्थापित किए जा रहे इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि काशी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र है और यहां आने वाले करोड़ों अंतरराष्ट्रीय और घरेलू पर्यटकों की सुविधा के साथ कोई समझौता नहीं किया जा सकता।
गुणवत्ता और समय-सीमा पर विशेष जोर
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग (PWD) और नगर निगम के अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की। उन्होंने सड़कों की पैच-वर्किंग और सीवरेज सिस्टम के कार्यों में आ रही देरी पर नाराजगी व्यक्त की। मुख्यमंत्री के मुख्य निर्देश निम्नलिखित थे:
- नो-टॉलरेंस ऑन क्वालिटी: निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की घटिया सामग्री का उपयोग पाए जाने पर संबंधित ठेकेदार और अधिकारियों के खिलाफ तत्काल दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
- समयबद्धता (Timeline): जो परियोजनाएं तकनीकी कारणों से रुकी हुई हैं, उनका निपटारा 15 दिनों के भीतर कर काम को गति दी जाए।
- जनसुविधा: निर्माण कार्यों के दौरान स्थानीय नागरिकों और बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को कम से कम असुविधा होनी चाहिए।
काशी की वैश्विक पहचान को मजबूत करना है लक्ष्य
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स का उद्देश्य वाराणसी की प्राचीन और पौराणिक आत्मा को अक्षुण्ण रखते हुए उसे आधुनिक नागरिक सुविधाओं से लैस करना है। सड़कों के किनारे से बिजली के तारों को अंडरग्राउंड करना, स्मार्ट साइनेज लगाना और घाटों की सफाई व्यवस्था का आधुनिकीकरण इस मिशन का मुख्य हिस्सा है। मुख्यमंत्री के इस औचक और कड़े रुख से प्रशासनिक अमले में हड़कंप है और उम्मीद की जा रही है कि वाराणसी के विकास कार्यों में अब और अधिक तेजी आएगी।



